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राजस्थानी दुर्गा पूजा संघ के पंडाल में सजेगा राजस्थान, नगांव में छह दिन गूंजेगी आस्था और संस्कृति

संघ के अध्यक्ष प्रेम नाहटा और सचिव रामचंद्र कोठारी ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को परंपरा, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता से जोड़ने का अवसर भी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचकर मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

डिंपल शर्मा, संवाददाता

नगांव 13 अक्टूबर 2026/असम.समाचार

आस्था, परंपरा और संस्कृति के रंगों से सराबोर नगांव में राजस्थानी दुर्गा पूजा संघ की ओर से इस वर्ष भी जगत जननी मां भगवती दुर्गा की पूजा-अर्चना का भव्य आयोजन किया जा रहा है। संघ की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर 16 से 21 अक्टूबर तक धार्मिक अनुष्ठानों, पुष्पांजलि, डांडिया, चित्रांकन प्रतियोगिता, आरती की थाल सजाओ प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित होगी। राजस्थानी थीम पर सजाए जा रहे पूजा पंडाल में राजस्थान की कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन का समापन 21 अक्टूबर को मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन एवं शोभायात्रा के साथ होगा। संघ के अध्यक्ष प्रेम नाहटा और सचिव रामचंद्र कोठारी ने यह जानकारी देते हुए धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कार्यक्रमों में भाग लेकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

षष्ठी से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान

कार्यक्रम के अनुसार, 16 अक्टूबर शुक्रवार को महाषष्ठी के अवसर पर सुबह 8.30 से 10 बजे तक मां दुर्गा की पूजा होगी। शाम 6.20 बजे से बोधन, आमंत्रण और अधिवास की धार्मिक विधियां संपन्न होंगी।

17 अक्टूबर शनिवार को महासप्तमी के अवसर पर सुबह 9.27 बजे से सप्तमी पूजा प्रारंभ होगी। इसके साथ मां दुर्गा की नवपत्रिका का प्रवेश, स्थापना और विधि-विधानपूर्वक पूजा की जाएगी। सुबह 11.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक पुष्पांजलि का कार्यक्रम रहेगा।

18 अक्टूबर रविवार को महाअष्टमी के अंतर्गत अधिका पूजा, सप्तमी अधिका पूजा की परंपरा के अनुसार सुबह 9.27 बजे से पूजा और 11.30 से 12 बजे तक पुष्पांजलि होगी। 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी की पूजा सुबह 5.40 बजे से प्रारंभ होगी। सुबह 11.30 से दोपहर 12 बजे तक पुष्पांजलि तथा सुबह 7.25 से 8.15 बजे तक संधि पूजा होगी।

20 अक्टूबर मंगलवार को महानवमी पूजा सुबह 8.30 से 10 बजे तक होगी। इस दिन दोपहर 12 बजे नवमी हवन, शांति स्तोत्र पाठ, निर्मालि और भोग वितरण का कार्यक्रम रखा गया है। पुष्पांजलि सुबह 11.30 से दोपहर 12 बजे तक होगी।

विजयादशमी पर निकलेगी शोभायात्रा

21 अक्टूबर बुधवार को दशमी पूजा सुबह 7.20 से 10.46 बजे तक होगी। प्रतिमा विसर्जन सुबह 9.30 बजे से प्रारंभ होगा। देवी विसर्जन के बाद अपराजिता पूजा की जाएगी। संघ ने श्रद्धालुओं से शोभायात्रा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया है। शोभायात्रा में शामिल होने वाले भाई-बंधुओं से सफेद कुर्ता-पायजामा अथवा समिति द्वारा निर्धारित पारंपरिक पोशाक पहनकर आने की अपील की गई है।

संघ की विशेष सूचना के अनुसार, 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे मारवाड़ी हिंदी हाईस्कूल परिसर में एकत्र होकर विसर्जन शोभायात्रा में भाग लेने का अनुरोध किया गया है।

डांडिया में नृत्य और पारंपरिक परिधान का आकर्षण

धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। 16 अक्टूबर शुक्रवार को शाम 7 से रात 10 बजे तक पारंपरिक परिधान में डांडिया कार्यक्रम होगा। इसमें सर्वश्रेष्ठ युगल नृत्य के लिए 11,000 रुपये, सर्वश्रेष्ठ नृत्य के लिए 5,100 रुपये और सर्वश्रेष्ठ परिधान के लिए 5,100 रुपये का पुरस्कार निर्धारित किया गया है। डांडिया नृत्य का दूसरा वर्ग 14 वर्ष तक के लड़के-लड़कियों के लिए होगा, जिसमें भी निर्धारित श्रेणियों के अनुसार पुरस्कार दिए जाएंगे। इच्छुक प्रतिभागियों को पंजीकरण एवं अन्य जानकारी के लिए समिति के सदस्यों से संपर्क करना होगा।

17 अक्टूबर शनिवार को शाम 7 बजे से उद्घाटन सांस्कृतिक गोष्ठी के माध्यम से वाद्य संगीत की प्रस्तुति होगी। 18 अक्टूबर रविवार को शाम 7 बजे से नाम-कीर्तन होगा। इस अवसर पर असम की सुप्रसिद्ध नामती भाग्यश्री देवी द्वारा दिहानाम प्रस्तुत किया जाएगा। 20 अक्टूबर मंगलवार को शाम 7 बजे से महाराष्ट्र के कलाकारों द्वारा महाराष्ट्रियन ढोल की प्रस्तुति दी जाएगी।

आरती की थाल और चित्रांकन प्रतियोगिता में दिखेगी प्रतिभा

17 अक्टूबर शनिवार को आरती की थाल सजाओ प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रतिभागियों को दोपहर 2 से 4 बजे तक पूजा पंडाल में अपनी थाल जमा करनी होगी। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5,100 रुपये, द्वितीय 3,100 रुपये और तृतीय 2,100 रुपये रखा गया है। सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा।

18 अक्टूबर रविवार को सुबह 10 बजे से चित्रांकन प्रतियोगिता होगी। इसे तीन समूहों में बांटा गया है। समूह ‘ए’ में केजी से कक्षा 3 तक, समूह ‘बी’ में कक्षा 4 से 7 तक तथा समूह ‘सी’ में कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे।

सिंदूर उत्सव में शामिल होंगी महिलाएं

21 अक्टूबर बुधवार को सुबह 9.30 से दोपहर 12 बजे तक सिंदूर खेला का आयोजन होगा। इस दौरान महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सिंदूर उत्सव मनाएंगी। अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी से इस कार्यक्रम को विशेष बनाने का आह्वान किया गया है। इसके लिए समिति द्वारा निर्धारित साड़ी पहनने की व्यवस्था रहेगी।

25 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा

दुर्गा पूजा के बाद 25 अक्टूबर रविवार को पूर्णिमा के अवसर पर लक्ष्मी पूजा का आयोजन किया जाएगा। पूजा शाम 5.36 बजे से प्रारंभ होगी। संघ ने समाज के सभी भाई-बंधुओं को सादर आमंत्रित किया है।

मारवाड़ी हिंदी हाईस्कूल परिसर में पूजा स्थल

राजस्थानी दुर्गा पूजा संघ की ओर से आयोजित पूजा का स्थल नगांव के हैबरगांव स्थित लाउखोवा रोड पर मारवाड़ी हिंदी हाईस्कूल परिसर रहेगा। राजस्थानी थीम पर सजाए जा रहे पंडाल में श्रद्धालुओं को राजस्थान की लोककला, पारंपरिक सजावट और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। संघ ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से पूजा स्थल पर पहुंचकर मां भगवती की पूजा-अर्चना करने और पुष्पांजलि अर्पित करने का अनुरोध किया है।

आयोजन संबंधी जानकारी के लिए संगीता खेतावत, गुड्डी नाहटा, सीमा मोर और स्नेहा जाजोदिया से संपर्क किया जा सकता है। सिंदूर उत्सव के लिए सीमा मोर तथा संगीता अग्रवाल से संपर्क करने की जानकारी दी गई है।

संघ के अध्यक्ष प्रेम नाहटा और सचिव रामचंद्र कोठारी ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को परंपरा, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता से जोड़ने का अवसर भी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचकर मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

 

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