अंबुबासी मेले में श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी ‘अपनी चौपाल’, पांडूनाथ देवालय में विशाल भंडारे का आयोजन

ओपी शर्मा,
गुवाहाटी, 25 जून 2026/असम.समाचार
अंबुबासी महायोग मेले में देश-विदेश से आने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से सामाजिक संस्था ‘अपनी चौपाल’ द्वारा पांडू पोर्ट स्थित पांडूनाथ पंचगणेश देवालय परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। पांडूनाथ देवालय समिति के सहयोग से संचालित इस सेवा शिविर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु निःशुल्क भोजन एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
संस्था की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह सेवा शिविर 27 जून तक संचालित रहेगा। शिविर में बाहर से आने वाले साधु-संतों, दर्शनार्थियों एवं भक्तों के लिए निःशुल्क भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप भोजन परोसा जा रहा है।
इस आयोजन को सफल बनाने में पांडूनाथ देवालय समिति का विशेष सहयोग मिल रहा है। वहीं गौशाला मित्र परिवार और राजमल कमलचंद सेठिया चैरिटेबल ट्रस्ट सह-प्रायोजक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा अनेक समाजसेवी एवं स्वयंसेवक भी सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
अपनी चौपाल के प्रमुख सलाहकार अशोक थर्ड ने बताया कि पांडूनाथ देवालय के प्रमुख निमाई चंद्र दास, समाजसेवी पदम सेठिया, राज कुमार अग्रवाल तथा मंदिर के पुजारियों एवं कार्यकर्ताओं के समर्पण और अथक प्रयासों से भंडारे का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंबुबासी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना संस्था के लिए सौभाग्य और पुण्य का कार्य है।
संस्था के सदस्य भी प्रतिदिन उपस्थित होकर भक्तिभाव से सेवा कार्यों में योगदान दे रहे हैं। संस्था के प्रवक्ता रतन खाखोलिया ने बताया कि अपनी चौपाल केवल अन्न सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाजहित से जुड़े विभिन्न कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में संस्था जनसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जन-जागरूकता अभियान और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखेगी।
पांडूनाथ देवालय के प्रमुख निमाई चंद्र दास ने बताया कि अंबुबासी मेले के दौरान चल रहे इस विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और संस्था की सेवा भावना की सराहना कर रहे हैं। सामाजिक समरसता और मानव सेवा का यह प्रयास मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहारा साबित हो रहा है।



