
भरत पासवान,
चिरांग, 20 जून 2026/असम.समाचार
असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने चिरांग जिले में अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बांग्लादेशी नागरिक सहित कुल 9 तस्करों को गिरफ्तार किया है। अभियान के दौरान दुर्लभ प्रजाति के 8 गोल्डन लंगूर बरामद किए गए, जिनमें से एक मृत अवस्था में पाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिलने पर गुवाहाटी से एसटीएफ की टीम ने सिडली थाना पुलिस के सहयोग से राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर विशेष अभियान चलाया। इस दौरान पश्चिम बंगाल पंजीकरण संख्या WB-06Q-3755 की एक महिंद्रा स्कॉर्पियो तथा AS-26A-5190 नंबर की एक टाटा नैनो कार को रोककर तलाशी ली गई। स्कॉर्पियो वाहन से 8 गोल्डन लंगूर बरामद हुए।
कार्रवाई के दौरान दोनों वाहनों से कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में एक बांग्लादेशी नागरिक, पांच पश्चिम बंगाल के निवासी तथा तीन असम के चिरांग जिले के निवासी शामिल हैं।
गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक की पहचान जमाल के रूप में हुई है। वहीं पश्चिम बंगाल के आरोपियों में आलमगीर मोल्लाह, फकिरसन मंडल, खालिक मंडल, लतीबुल शेख और इम्जामुल हक शामिल हैं। असम के चिरांग जिले से पिंकुश नर्सरी, जैक्सन विश्वकर्मा और रंजीत नर्सरी को गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, बरामद किए गए गोल्डन लंगूरों को कथित तौर पर चिरांग जिले के नवगठित चिकना-जोहौलाओ राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के कुछ स्थानीय अतिक्रमणकारियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करों को बेचा गया था। आशंका जताई जा रही है कि इन दुर्लभ वन्यजीवों को सीमापार तस्करी के जरिए अवैध बाजारों तक पहुंचाने की योजना थी।
गौरतलब है कि गोल्डन लंगूर विश्व की अत्यंत दुर्लभ और संरक्षित प्रजातियों में से एक है, जिसका प्राकृतिक आवास मुख्य रूप से असम और भूटान के सीमावर्ती वन क्षेत्र हैं। ऐसे में इस प्रजाति की तस्करी का मामला वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त जांच जारी है तथा इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



