मात्र 2 वर्ष की उम्र में रचा इतिहास, थिया मित्तल का नाम असम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज
थिया की इस उपलब्धि ने गुवाहाटी सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को गर्व का एक नया अवसर प्रदान किया है।

डिंपल शर्मा,
गुवाहाटी, 15 जून 2026/असम.समाचार
गुवाहाटी की नन्ही बालिका थिया मित्तल ने अपनी अद्भुत प्रतिभा और असाधारण स्मरण शक्ति के बल पर एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित कर पूरे असम और पूर्वोत्तर भारत को गौरवान्वित किया है। मात्र 2 वर्ष और 9 दिन की आयु में थिया ने संपूर्ण गायत्री मंत्र का सस्वर पाठ कर ‘असम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम दर्ज कराया है।
‘विस्टा किड्स’ की प्लेहाउस छात्रा तथा राधिका मित्तल एवं अंकुर मित्तल की सुपुत्री थिया ने 9 जून 2026 को केवल 8 सेकंड में गायत्री मंत्र का शुद्ध एवं प्रभावशाली उच्चारण कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। इस उपलब्धि के साथ वह असम ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत में गायत्री मंत्र का पाठ करने वाली सबसे कम उम्र की बालिका बन गई हैं।

थिया की इस असाधारण उपलब्धि को मान्यता देते हुए ‘असम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ (एबीआर) ने उन्हें राज्य रिकॉर्ड श्रेणी में शामिल किया है। संस्था द्वारा 12 जून 2026 को जारी आधिकारिक प्रमाण-पत्र में उनकी इस उपलब्धि की पुष्टि की गई।
इस सफलता के पीछे परिवार के संस्कारों और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। थिया की दादी सरोज मित्तल और दादा सुरेश मित्तल ने उसे बचपन से ही गायत्री मंत्र का अभ्यास कराया। उनके स्नेह, धैर्य और सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि इतनी कम उम्र में थिया ने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
परिवार का कहना है कि बच्चों में संस्कार और आध्यात्मिक शिक्षा का बीजारोपण प्रारंभिक अवस्था से ही किया जाए तो वे असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। थिया की सफलता इसी का जीवंत उदाहरण है।
नन्ही थिया की इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। मित्तल परिवार ने ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कामना की है कि थिया भविष्य में भी इसी तरह नई ऊंचाइयों को छूते हुए परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करती रहे।
थिया की इस उपलब्धि ने गुवाहाटी सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को गर्व का एक नया अवसर प्रदान किया है।



