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सोनारी में अद्भुत चमत्कार : मृत समझकर दाह संस्कार किए गए युवक विजय कुर्मी 24 घंटे बाद स्वस्थ लौटे : पुलिस की लापरवाही ने पैदा किया नया रहस्य!

केशव पारीक,

शिवसागर 22 अप्रैल 2026/असम.समाचार

ऊपरी असम के चराईदेव जिले के मुख्यालय सोनारी में एक ऐसी घटना घटी है जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गरीब परिवार के युवक को अस्पताल में इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया गया। प्रशासन द्वारा सुपुर्द किए जाने के बाद परिवार ने मृतक का दाह संस्कार कर दिया। लेकिन महज 24 घंटे बाद ही वह युवक स्वस्थ अवस्था में घर लौट आया।

सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है और स्थानीय लोगों में आक्रोश के साथ-साथ कौतूहल फैल गया है। मिली जानकारी के अनुसार
सोनारी नगर पालिका के वार्ड नंबर 12 निवासी अत्यंत गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले विजय कुर्मी (34) को बीते 16 अप्रैल को शहर के पुराने अखबार संस्थान डी. एल. लाइब्रेरी के सामने अचेत अवस्था में पड़ा देखा गया था।

संस्थान के मालिक एवं स्थानीय पत्रकार दीपांकर पाल ने तुरंत सोनारी पुलिस और 108 मृत्युंजय सेवा की मदद से उन्हें राजापुखुरी स्थित सोनारी सिविल अस्पताल भिजवा दिया। अस्पताल में उनका इलाज शुरू हुआ। इसके बाद बीते 19 अप्रैल को सोनारी पुलिस ने परिवार को अस्पताल के मुर्दाघर में पड़ी एक लाश विजय कुर्मी की बताकर सौंप दी।

बड़े भाई विनोद कुर्मी को सोनारी पुलिस ने फोन पर विजय कुर्मी की मौत का समाचार दिया था। परिवार ने लाश देखकर संदेह जताया, लेकिन पुलिस के गुस्से से डरकर विजय के बड़े भाई विनोद कुर्मी के साथ मिलकर स्थानीय लोगों द्वारा उसी दिन सोनारी के बोराही चाय बागान इलाके में टाउकाक नदी तट पर नीति नियम अनुसार लाश को दफना दिया गया।

मृतक के शव को दफनाने और पोस्टमार्टम में परिवार ने काफी पैसे भी खर्च किए। लेकिन दाह संस्कार के महज 24 घंटे बाद ही 20 अप्रैल को विजय कुर्मी स्वस्थ शरीर के साथ अपने घर पहुंच गए। जिससे कि परिवार सहित पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। विजय साइकिल पर सवार होकर घर लौटे और पूरी तरह स्वस्थ दिख रहे थे।

इस अजीबोगरीग घटना के बाद स्थानीय लोगों के मन में सवालों का पहाड़ दिख रहा है। पुलिस और अस्पताल की लापरवाही?

यह घटना अब एक बड़े रहस्य में बदल गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस लाश को दफनाया गया था, वह आखिर किसकी थी ? पुलिस ने बिना सही पहचान के परिवार को शव कैसे सौंप दिया ? अस्पताल प्रशासन ने विजय कुर्मी के ठीक होने पर उन्हें घर भेज दिया, लेकिन इस दौरान परिवार को दूसरी लाश सौंप दी गई।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लोगों ने अद्भुत और अजीब करार दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार को पुलिस ने फोन पर सूचना दी थी और अस्पताल में औपचारिक पहचान के बाद लाश सौंपी गई। अब चराईदेव पुलिस और जिला प्रशासन उस अनजान लाश की पहचान करने में जुटे जिसका अंतिम संस्कार विजय कुर्मी के रूप में कर दिया गया था।

पड़ोसी और स्थानीय लोग पुलिस व परिवार द्वारा लाश की गलत पहचान की जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार सहित शहर के वार्ड नंबर 12 के निवासियों में इस खबर के फैलते ही कौतूहल और भय का माहौल है। परिवार शुरू में शोक में डूबा था, लेकिन अब राहत और आश्चर्य का मिश्रण है। विजय कुर्मी के भाई सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने घटना को भगवान का चमत्कार बताया है।

सोशल मीडिया पर इस अद्भुत घटना के पोस्ट्स और वीडियो तेजी से शेयर हो रहे हैं, जिसमें पुलिस प्रशासन और सोनारी सिविल अस्पताल की लापरवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक पोस्ट में कहा गया है कि सरकारी अस्पताल में बिना जांच के अनजान लाश दूसरे परिवार को सौंप दी गई। यह घटना अब चराईदेव जिला प्रशासन, सोनारी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी शर्मिंदगी का सबब बन गई है।

स्थानीय लोग अब आधिकारिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं न सिर्फ परिवार को झकझोरती हैं बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती हैं। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विजय कुर्मी समझकर दफनाए गए शव को निकालकर उसकी पुख्ता शिनाख्त करने की तैयारी की जा रही है।

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