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नलबाड़ी की प्रियांशी जालान ने लिखी मेहनत की नई इबारत, 99.6% के साथ देश में तीसरा स्थान

टिंकुमोनी,

नलबाड़ी 16 अप्रैल 2026/असम.समाचार

कभी किताबों के पन्नों में खो जाने वाली एक शांत-सी लड़की आज हजारों छात्रों के लिए मिसाल बन गई है। नलबाड़ी की बेटी प्रियांशी जालान ने सीबीएसई कक्षा 10 की परीक्षा में ऐसा कमाल कर दिखाया, जिसे सुनकर हर अभिभावक और विद्यार्थी गर्व महसूस कर रहा है।

99.6 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रियांशी ने न केवल अपने स्कूल और जिले का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों के सपने भी बड़े होते हैं बस उन्हें पूरा करने का जज़्बा चाहिए।

रंगिया के फातिमा कॉन्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल की छात्रा प्रियांशी की सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं, लेकिन इसके पीछे छिपी है उसकी रोज़मर्रा की सादगी और अनुशासन। अंग्रेज़ी, विज्ञान और आईटी में पूरे 100 अंक, जबकि गणित, हिंदी और सामाजिक विज्ञान में 99 अंक यह आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि उसकी निरंतर मेहनत की कहानी बयां करते हैं।

परिवार के अनुसार, प्रियांशी ने कभी दबाव में पढ़ाई नहीं की। वह हर विषय को समझने और उसे जीने की कोशिश करती थी।

मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर उसने अपने लक्ष्य को ही अपना सबसे बड़ा दोस्त बना लिया।

इस सफलता के बाद जब उससे पूछा गया कि उसका मंत्र क्या है, तो उसने मुस्कुराते हुए कहा-
“अगर आप रोज थोड़ा-थोड़ा बेहतर बनने की कोशिश करें, तो रिजल्ट अपने आप खास हो जाता है।”

प्रियांशी की यह कहानी उन छात्रों के लिए एक संदेश है, जो अक्सर अंकों के दबाव में खुद को कम आंकने लगते हैं। यह सफलता बताती है कि सही दिशा, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कोई भी मंजिल दूर नहीं।

आज नलबाड़ी की गलियों में सिर्फ एक नाम गूंज रहा है, प्रियांशी, जिसने यह साबित कर दिया कि मेहनत की कोई शॉर्टकट नहीं होती, लेकिन उसका परिणाम हमेशा खास होता है।

 

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