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असम बाढ़: जोरहाट-शिवसागर में एयरफोर्स ने झोंकी ताकत, हेलीकॉप्टरों से राहत कार्य तेज़

विकास शर्मा/केशव पारीक,

गुवाहाटी/शिवसागर: 28 जुलाई 2026/असम.समाचार

ऊपरी असम के जोरहाट, शिवसागर और चराइदेव जिलों में भीषण बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। भारतीय वायुसेना (IAF) और असम सरकार की संयुक्त टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सहायता पहुंचाई जा रही है। जिन इलाकों का संपर्क सड़क और नावों से पूरी तरह कट चुका है, वहां वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से निरंतर खाद्य सामग्री और आवश्यक राहत किट एयरड्रॉप किए जा रहे हैं।

समाचार के प्रमुख बिंदु:

  • वायुसेना का बड़ा ऑपरेशन: भारतीय वायुसेना ने अब तक 29 से अधिक सॉर्टीज (उड़ानें) पूरी कर 4,100 से अधिक राहत सामग्री पैकेट और भोजन के पैकेट जलमग्न इलाकों (जैसे नज़ीरा और शिवसागर के दूरदराज क्षेत्र) में सफलतापूर्वक पहुंचाए हैं। पैकेटों को नुकसान से बचाने के लिए एयर-ड्रॉपिंग प्रक्रिया में सुधार भी किया गया है।
  • भारतीय सेना की ‘ऑपरेशन जल राहत’: भारतीय वायुसेना के हवाई अभियानों के साथ-साथ भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जल राहत’ शुरू कर एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों के साथ मिलकर हजारों फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों तक पहुंचाया है।
  • जमीन पर डटे मंत्री और प्रशासन: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देशानुसार राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री बिमल बोरा, सुशांत बोरगोहाईं और केशब महंत लगातार जोरहाट, शिवसागर और आसपास के प्रभावित इलाकों में जमीनी स्तर पर राहत वितरण की निगरानी कर रहे हैं।
  • पुनर्वास पर सरकार का ध्यान: बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने के साथ ही असम सरकार ने अब राहत कार्य के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पुनर्वास योजना और बुनियादी ढांचे की मरम्मत पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। प्रभावित परिवारों को बर्तन, कपड़े, चिकित्सा सामग्री और सूखा राशन युक्त विशेष फैमिली किट बांटे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश:

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्थिति पर चौबीसों घंटे नज़र बनाए रखी है और केंद्र सरकार (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह) से भी पूरा सहयोग मिल रहा है। सरकार का प्राथमिकता से कहना है कि जब तक आखिरी प्रभावित व्यक्ति तक राहत नहीं पहुँच जाती, हेलीकॉप्टरों और नावों के ज़रिए मदद का यह सिलसिला जारी रहेगा।

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