सैलाब के बीच उम्मीद की किरण: पियूष और अभिषेक रूठिया की कामाख्या हार्डवेयर से 2 लाख की आपदा राहत!
‘संकट में जब भी कांपेगी राहें, हम बढ़ाएंगे मदद की बांहें!’

सोनल शर्मा/डिंपल शर्मा,
गुवाहाटी/नगांव 30 जुलाई 2026/असम.समाचार
असम का दिल कहे जाने वाले जोरहाट और ऐतिहासिक शिवसागर जब सैलाब के गंदे पानी में डूबे, तो नगांव की में दो युवा शरीफजादों के दिल भी धड़क उठे। बाढ़ की तबाही देखकर हाथ पर हाथ धरे बैठना उन्हें गवारा न था, सो उन्होंने कागजी हमदर्दी जताने के बजाय सीधे ‘अभिषेक’ करने का रास्ता चुना,
बात हो रही है नगांव के तेजतर्रार युवा समाजसेवी पियूष रूठिया और उनके भाई, युवा उद्यमी अभिषेक रूठिया की। आपदा की इस घड़ी में अपने सामाजिक उत्तरदायित्व को निभाते हुए, दोनों भाई गुवाहाटी स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे और अपने वाणिज्यिक प्रतिष्ठान ‘कामाख्या हार्डवेयर’ की तरफ से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए ₹2 लाख का चेक असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा को सौंप दिया।
मुलाकात की शुरुआत भी ठेठ असमिया अंदाज में हुई। पियूष ने बड़े ही आदर के साथ मुख्यमंत्री को असम की संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक ’फुलाम गामोछा’ पहनाकर उनका अभिनंदन किया।
लेकिन यह मुलाकात सिर्फ चेक थमाने तक सीमित नहीं रही। पियूष रूठिया ने मुख्यमंत्री के साथ ‘किशन इंदिरा फाउंडेशन’ के सेवा कार्यों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि हाल ही में कैसे उनकी टीम ने शिवसागर के बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर सीधे धरातल पर राहत सामग्री पहुंचाई और सेवा के नए आयाम रचे।
दोनों युवा भाइयों का यह जज्बा और जमीनी काम देखकर मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा भी गदगद नजर आए। उन्होंने न केवल इस वित्तीय मदद के लिए दोनों भाइयों और असम सरकार की ओर से दिल से आभार जताया, बल्कि फाउंडेशन के काम को थपथपाते हुए कहा“अगर इस नेक काम में प्रशासन से कभी भी किसी मदद की जरूरत पड़े, तो सरकार के दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले हैं।”
बाढ़ के इस शोर के बीच, नगांव के इन दो रूठिया बंधुओं ने साबित कर दिया कि जब इरादे ठोस हों, तो हर मुसीबत के आगे राहत की दीवार खड़ी की जा सकती है।



