पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण से हरियाली का संदेश, साधना मंदिर परिसर में गूंजा ‘एक पेड़, अनेक उम्मीदें’ का संकल्प
सीमेंट और कंक्रीट के बढ़ते जंगलों के बीच जब समाजसेवा से जुड़ी महिलाएं अपने हाथों से पौधे रोपती हैं, तो वह सिर्फ एक पौधा नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, छांव और उम्मीदों का बीजारोपण होता है। साधना मंदिर परिसर में लगाया गया हर पौधा मानो प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का एक जीवंत संकल्प बन गया।

विकास शर्मा,
गुवाहाटी 5 जून 2026/असम.समाचार
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन महिला शाखा, गुवाहाटी द्वारा फैंसी बाजार स्थित साधना मंदिर परिसर में व्यापक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाखा अध्यक्ष संतोष शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अनेक पौधे लगाए गए।
कार्यक्रम में पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ उपाध्यक्ष (मुख्यालय) विनोद लोहिया, संगठन मंत्री मनोज काला, सहायक मंत्री निरंजन सिकरिया, मेट्रो शाखा अध्यक्ष अमित बंसल, ग्रेटर शाखा अध्यक्ष दीपक पोद्दार, सदस्य गौतम गोयनका एवं संदीप बेरिया भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मंत्री मंजू भंसाली ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने के उद्देश्य से यह पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक वृक्षारोपण करे तथा उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी सदस्यों से ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शाखा सलाहकार सरला काबरा एवं मंजू पाटनी की विशेष उपस्थिति सराहनीय रही। पौधरोपण अभियान की संयोजिका रेखा गोयल और बिंदु मोहता थीं। इसके अलावा कोषाध्यक्ष शांति कुंडलिया, उपाध्यक्ष रश्मि जैन सहित महिला शाखा की अनेक सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
सीमेंट और कंक्रीट के बढ़ते जंगलों के बीच जब समाजसेवा से जुड़ी महिलाएं अपने हाथों से पौधे रोपती हैं, तो वह सिर्फ एक पौधा नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, छांव और उम्मीदों का बीजारोपण होता है। साधना मंदिर परिसर में लगाया गया हर पौधा मानो प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का एक जीवंत संकल्प बन गया।



