माँ की रसोई में हंसी, सेवा और समर्पण: मॉर्निंग हास्य क्लब का अनोखा भंडारा बना श्रद्धालुओं का सहारा
मॉर्निंग हास्य क्लब ने संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी जब-जब अम्बुवाची महापर्व का आयोजन होगा, क्लब पूरी श्रद्धा, निष्ठा और सेवा-भाव के साथ इसी प्रकार श्रद्धालुओं की सेवा करता रहेगा।

विकाश शर्मा,
गुवाहाटी, 25 जून 2026/असम.समाचार
अम्बुवाची महापर्व के दौरान जहाँ एक ओर माँ कामाख्या मंदिर के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, वहीं दूसरी ओर सेवा और मुस्कान का एक अनूठा संगम देखने को मिला। “मॉर्निंग हास्य क्लब” ने लगातार सातवें वर्ष चार दिवसीय विशाल भंडारे का आयोजन कर यह साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-अर्चना में नहीं, बल्कि मानव सेवा में भी निहित है।
भोर में हंसी और स्वास्थ्य का संदेश देने वाला यह क्लब अम्बुवाची के चार दिनों में सेवा का पर्याय बन गया। क्लब के सदस्यों ने तन, मन और धन से निःस्वार्थ भाव से हजारों श्रद्धालुओं की सेवा की। भंडारे में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, जलपान, चाय और बिस्कुट की व्यवस्था दिन-रात निरंतर चलती रही।

क्लब के सदस्यों का कहना है कि माँ कामाख्या की असीम कृपा और आशीर्वाद के कारण ही यह सेवा कार्य सफल हो सका। विशेष रूप से कामाख्या प्रसाद अग्रवाल, रमेश तापड़िया, भानु प्रसाद शर्मा, अमर अग्रवाल, कपिल शर्मा, विजय केजरीवाल, सुनील लड्ढा, प्रीतम पूर्वा, सुभाष अग्रवाल और महेंद्र शर्मा सहित सभी सहयोगियों ने पूरे समर्पण के साथ इस पुण्य कार्य में भागीदारी निभाई।
भंडारे में आने वाले श्रद्धालुओं ने भी क्लब के सेवा-भाव की सराहना करते हुए कहा कि भीड़ और व्यस्तता के बीच ऐसी निःस्वार्थ सेवा उन्हें घर जैसा अपनापन महसूस कराती है। कई श्रद्धालुओं ने इसे “माँ की रसोई” की संज्ञा दी, जहाँ भोजन के साथ स्नेह और सम्मान भी परोसा गया।
मॉर्निंग हास्य क्लब ने संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी जब-जब अम्बुवाची महापर्व का आयोजन होगा, क्लब पूरी श्रद्धा, निष्ठा और सेवा-भाव के साथ इसी प्रकार श्रद्धालुओं की सेवा करता रहेगा।
अम्बुवाची महापर्व के आध्यात्मिक वातावरण में यह भंडारा केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।



