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चूड़ियों से लेकर AK-47 तक: जब गुवाहाटी के मंच पर पूर्वोत्तर की ‘तेजस्विता’ ने दिया बदलाव का संदेश

डिंपल शर्मा,

गुवाहाटी 9 अगस्त 2026/असम.समाचार

 “जो हाथ सलीके से कांच की चूड़ियां पहनना जानते हैं, जरूरत पड़ने पर वही हाथ AK-47 और रॉकेट लॉन्चर उठाकर देश की हिफाजत भी कर सकते हैं।” छत्रीबाड़ी स्थित असम माहेश्वरी भवन में जब कैप्टन मीरा सिद्धार्थ दवे के ये बोल गूंजे, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

​अवसर था पूर्वोत्तर प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन (पूप्रमास) की गुवाहाटी महिला शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘तेजस्विता’ प्रथम महिला अधिवेशन का। पूर्वोत्तर के इतिहास में पहली बार आयोजित इस अनूठे सम्मेलन ने यह साबित कर दिया कि मारवाड़ी समाज की नारियां सिर्फ पारंपरिक संस्कारों की संरक्षक ही नहीं, बल्कि नेतृत्व और कर्तृत्व की भी मिसाल हैं।

​300 से अधिक महिलाओं की भागीदारी, 20 शाखाओं का संगम

​पूर्वोत्तर के विभिन्न अंचलों की 20 महिला शाखाओं से आईं 300 से अधिक उत्साही प्रतिनिधियों ने इस समागम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन से हुई। इसके तुरंत बाद समाज ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए असम में आई हालिया भीषण बाढ़ आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मशांति के लिए 1 मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

​सिर्फ व्यापार या नाम नहीं, पहचान है मारवाड़ी: पवन गोयनका

​अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गोयनका ने अपने संबोधन में कहा कि मारवाड़ी होना केवल एक पहचान नहीं, बल्कि मेहनत, ईमानदारी, स्वाभिमान और अनूठी संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 20 शाखाओं की बहनों की सक्रिय भागीदारी के बिना ‘तेजस्विता’ जैसे भव्य आयोजन की कल्पना भी असंभव थी।

​प्री-वेडिंग शूट की कुरीतियों से लेकर मानसिक स्वास्थ्य पर बेबाक चर्चा

​पारंपरिक ढर्रे से हटकर इस अधिवेशन में समाज की समकालीन चुनौतियों पर भी खुलकर बात हुई:

  • कुरीतियों पर प्रहार: राष्ट्रीय संगठन मंत्री बसंत सुराणा ने समाज में फैल रही प्री-वेडिंग शूट जैसी दिखावे वाली प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने और संस्कारों को सहेजने का आह्वान किया।
  • मानसिक स्वास्थ्य व आत्मविश्वास: विशिष्ट अतिथि अरुणा सरावगी ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत बताई, वहीं खुशबू दुम्मानी ने महिलाओं से अपने सपनों को आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से सच करने की अपील की।
  • ‘सुबोधिनी’ का विमोचन: उद्घाटन सत्र के दौरान ‘तेजस्विता’ गीत और ‘सुबोधिनी’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

​मंच से जमीनी नेतृत्व तक

​महिला शाखा अध्यक्ष संतोष शर्मा, अधिवेशन स्वागत अध्यक्ष सरोज मित्तल, प्रांतीय उपाध्यक्ष विनोद लोहिया और महामंत्री रमेश चांडक सहित कई गणमान्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सशक्तिकरण केवल भाषणों तक सीमित नहीं है।

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