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असम कैबिनेट के बड़े फैसले: पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 12% आरक्षण, वाहन ट्रांसफर पर लगेगा ‘ग्रीन सेस’

डालमिया भारत को ₹10,200 करोड़ की यूनिट्स के लिए इंसेंटिव मंजूर, ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट विस्तार और पहाड़ी इलाकों में जल जीवन मिशन को मिली नई रफ्तार

विकास शर्मा,

गुवाहाटी, 4 अक्टूबर 2026/असम.समाचार

(फ़ाइल फ़ोटो)

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित असम कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के युवाओं, पर्यावरण, धार्मिक धरोहरों और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने जहां एक ओर सेना से लौटने वाले राज्य के अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बड़ा ऐलान किया, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी हरी झंडी दिखाई।

अग्निवीरों को 11 श्रेणियों के पदों में 12% आरक्षण

राज्य सरकार ने असम के मूल निवासी पूर्व-अग्निवीरों के सम्मान और पुनर्वास के लिए बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने असम पुलिस, एपीआरओ , एसडीआरएफ , अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, वन रक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) और आबकारी  समेत 11 विभिन्न श्रेणियों की भर्तियों में पूर्व-अग्निवीरों को 12 प्रतिशत आरक्षण देने की मंजूरी दी है।

वाहन ट्रांसफर पर लगेगा ग्रीन सेस, दोपहिया-ईवी को छूट

पर्यावरण संरक्षण और वनीकरण अभियानों को वित्तीय मजबूती देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने वाहनों के मालिकाना हक के हस्तांतरण  पर ‘ग्रीन सेस’ लगाने का निर्णय लिया है। हालांकि आम जनता और पर्यावरण अनुकूल वाहनों को राहत देते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों , सीएनजी वाहनों, दोपहिया व तिपहिया वाहनों तथा वाहन मालिक के निधन के उपरांत होने वाले ट्रांसफर को इस सेस से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।

डालमिया भारत के ₹10,200 करोड़ के प्रोजेक्ट को प्रोत्साहन

असम में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को रफ्तार देने के लिए कैबिनेट ने ‘डालमिया भारत ग्रीन विजन लिमिटेड’ की ₹10,200 करोड़ की लागत वाली क्लिंकर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज को स्वीकृति दी।

ऐतिहासिक मधुपुर सत्र को हर महीने ₹1 लाख की सहायता

राज्य की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर, पूज्य मधुपुर सत्र के सुचारू संचालन व रख-रखाव के लिए ‘मुख्यमंत्री पब्लिक इमरजेंसी स्कीम’ के तहत ₹1 लाख प्रति माह की नियमित वित्तीय मदद देने का फैसला किया गया है।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले:

  • ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट का विस्तार: गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के फेज-2 (कचारी बाजार से नीलाचल पहाड़ियों की तलहटी तक) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का दायित्व टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड को सौंपा गया।
  • पहाड़ी जिलों में जल जीवन मिशन मजबूत: बीटीसी (BTC), दीमा हसाओ और कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद क्षेत्रों में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, संचालन और निगरानी के लिए राज्य सरकार व परिषदों के बीच एमओयू (MoU) को मंजूरी दी गई।
  • सड़क निर्माण का पुनर्गठन: हाईवे प्रोजेक्ट्स के बेहतर क्रियान्वयन व प्रबंधन के लिए पीडब्ल्यूडी (बिल्डिंग एंड एनएच) से नेशनल हाईवे घटक को अलग कर पीडब्ल्यूडी (सड़क) में शामिल करने का निर्णय लिया गया।
  • असम रेजिमेंटल सेंटर को ₹10 करोड़: कैबिनेट ने असम रेजिमेंटल सेंटर में बुनियादी ढांचे के विकास और सुदृढ़ीकरण हेतु ₹10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की।
  • नगर निगम चुनावों में सुधार: नगर निगम चुनाव से जुड़े विवादों और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए ‘असम म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन इलेक्शन (संशोधन) नियम, 2026’ को मंजूरी दी गई, जिससे संबंधित जिले के जिला जज की अदालत को अधिकार संपन्न बनाया गया है।

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