असम कैबिनेट के अहम फैसले: भूपेन हजारिका के नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार, उषा मंगेशकर होंगी पहली सम्मानित हस्ती


विकास शर्मा,संवाददाता
असम कैबिनेट के अहम फैसले: भूपेन हजारिका के नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार, उषा मंगेशकर होंगी पहली सम्मानित हस्ती
गुवाहाटी, 24 अक्टूबर 2026/असम.समाचार
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में 23 अक्टूबर 2026 को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कला एवं संस्कृति, औद्योगिक निवेश, स्वायत्त परिषदों के चुनाव नियमों और खनिज नियमन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

कैबिनेट ने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका के सम्मान में एक राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित करने को मंजूरी दी। यह पुरस्कार संगीत और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रत्येक तीन वर्ष में प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार की पहली प्राप्तकर्ता के रूप में प्रख्यात गायिका उषा मंगेशकर को चुना गया है। पुरस्कार के साथ प्रशस्ति-पत्र और 10 लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी।
श्रीमंत शंकरदेव पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 15 लाख रुपये
राज्य मंत्रिमंडल ने प्रतिष्ठित श्रीमंत शंकरदेव पुरस्कार की नकद राशि बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने को भी मंजूरी दी। इस फैसले को असम की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण तथा महान संत-समाज सुधारक श्रीमंत शंकरदेव के योगदान के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
300 करोड़ रुपये से अधिक का औद्योगिक निवेश
कैबिनेट ने वेलस्पन समूह की कंपनी वीटेक प्लास्टिक प्राइवेट लिमिटेड को रंगिया में विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी। प्रस्तावित परियोजना में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। इस पहल से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्वायत्त परिषदों के चुनाव नियमों में संशोधन
मंत्रिमंडल ने मिसिंग स्वायत्त परिषद (निर्वाचन) नियम, 2005 और सोनोवाल कछारी स्वायत्त परिषद (निर्वाचन) नियम, 2010 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत परिषद का निर्वाचित सदस्य राज्य विधानसभा की सदस्यता भी एक साथ रख सकेगा।
खनिज नियमों में संशोधन की अधिसूचना
कैबिनेट ने असम खनिज नियमन एवं डीलर (संशोधन) नियम, 2026 को आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित करने की मंजूरी दी। इसके तहत लौह अयस्क और चूना पत्थर सहित खनिजों के लिए ग्रेड वर्गीकरण को शामिल किया जाएगा।
राज्य सरकार के इन फैसलों में सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और प्रशासनिक एवं खनिज नियमन व्यवस्था को अद्यतन करने पर जोर दिया गया है।



