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कोलकाता में अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन का भव्य आयोजन: 160 से अधिक मेधावी प्रतिभाएं सम्मानित

10 वर्षों में 1,000 बच्चों को IAS, IPS, डॉक्टर और इंजीनियर बनाने का लक्ष्य: रतन शर्मा ​फाउंडेशन की पहल सराहनीय, समाज के सर्वांगीण विकास की जरूरत: विधायक डॉ. राजेश सुरोलिया

विकाश शर्मा,

कोलकाता, 12 जुलाई 2026/असम.समाचार

महानगर के मंगलम माहेश्वरी भवन में रविवार को ‘अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन’ के तत्वावधान में प्रथम ब्रह्मोत्सव का भव्य और गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस समारोह में ब्राह्मण समाज की 160 से अधिक मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। प्रोत्साहन के रूप में सभी मेधावी छात्रों को 11,000 रुपये और 5,100 रुपये के चेक, प्रशस्ति पत्र तथा मेडल प्रदान किए गए। इसके अलावा समाज की विभिन्न प्रतिष्ठित विभूतियों को ‘अष्टलक्ष्मी वैभव कलश’ देकर सम्मानित किया गया।

​यह भव्य आयोजन पूज्य महंत स्वामी अवधेशाचार्य जी महाराज (लोहर्गल धाम, झुंझुनू) के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ।

फाउंडेशन को 5 करोड़ रुपये देने का ऐलान, 3 साल में होंगे 36 आयोजन

​लोगों से खचाखच भरे हॉल को संबोधित करते हुए फाउंडेशन के मुख्य संरक्षक व प्रसिद्ध उद्योगपति रतन शर्मा ने एक बड़े विजन की घोषणा की। उन्होंने कहा:

​”हमारा लक्ष्य आने वाले एक दशक में समाज के 1,000 से अधिक बच्चों को IAS, IPS, डॉक्टर और इंजीनियर बनाना है। संगठन ऐसी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें हर संभव मदद देगा। इस कार्य में हम पूर्व आईपीएस अधिकारी व वर्तमान भाजपा विधायक डॉ. राजेश सुरोलिया जैसी विभूतियों का मार्गदर्शन लेंगे।”

 

​रतन शर्मा ने अष्टलक्ष्मी फाउंडेशन को 5 करोड़ रुपये देने का ऐलान करते हुए कहा कि इस छोटी सी शुरुआत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले 3 वर्षों में देश भर में ऐसे 36 आयोजन किए जाएंगे, जिनमें से 18 राजस्थान में और 18 अन्य राज्यों में होंगे। अष्टलक्ष्मी कलश को सुख-समृद्धि का प्रतीक बताते हुए उन्होंने इसे हर घर तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

जीवन सफल ही नहीं, सार्थक भी होना चाहिए: डॉ. राजेश सुरोलिया

​समारोह के मुख्य अतिथि और भाजपा विधायक डॉ. राजेश सुरोलिया ने फाउंडेशन के इस प्रयास को बेहद नेक बताया। उन्होंने कहा कि समाज में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, चाहे वह खेल हो, चित्रकला हो या संगीत। आवश्यकता केवल उन्हें सही मंच और प्रोत्साहन देने की है।

​डॉ. सुरोलिया ने जोर देकर कहा कि केवल प्रशासनिक अधिकारियों का निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के हर क्षेत्र (कला, खेल, संस्कृति) की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना होगा, तभी सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने अपने संबोधन का अंत इन प्रेरक शब्दों से किया— “जीवन केवल सफल ही नहीं, बल्कि सार्थक भी होना चाहिए।”

संस्कार और गुरुकुल व्यवस्था पर जोर

  • पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा ने समाज में गिरते नैतिक मूल्यों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज बच्चों को संस्कारित करने की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने हमारी प्राचीन गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर बल दिया।
  • पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि ने उद्योगपति रतन शर्मा के इस सेवा भाव की जमकर सराहना की और कहा कि समाज में ऐसे विरले लोग ही मिलते हैं।
  • सर्व ब्राह्मण समाज के संस्थापक सुरेश मिश्रा ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की भलाई के लिए जितने संगठन आगे आएंगे, समाज उतना ही मजबूत होगा।

शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व की पहल

​कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक चंद्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल छात्रवृत्ति वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व को समर्पित एक प्रेरणादायी आंदोलन है।

देशभर से जुटे प्रबुद्ध जन:

इस भव्य समारोह में कोलकाता की प्रमुख हस्तियों के अलावा गुवाहाटी, जयपुर, सिलीगुड़ी सहित देश के विभिन्न हिस्सों से विशिष्ट समाजसेवी शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से गुवाहाटी के वरिष्ठ समाजसेवी निर्मल तिवारी, प्रसिद्ध लोकगायक बद्री व्यास, जयपुर के समाजसेवी राजकुमार शर्मा, अनूप शर्मा और राजकुमार तिवारी सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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