
राजा शर्मा,
धुबरी, 6 जुलाई 2026/असम.समाचार
धुबरी के अग्रणी सांस्कृतिक एवं सामाजिक संगठन ‘नृत्यांगन’ के तत्वावधान में आज से स्थानीय धुबरी लायंस क्लब सभागार में चार दिवसीय निःशुल्क कथक नृत्य कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। 9 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों में भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रति रुचि जागृत करना तथा उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को एक सही मंच प्रदान करना है।
कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में धुबरी के जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी आदित कुमार शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर नृत्यांगन की अध्यक्षा डॉ. प्रतिमा नियोगी, प्रख्यात समाजसेवी शैलेन्द्र किशोर राय, वरिष्ठ रंगकर्मी समीर दासगुप्ता, नृत्यांगन की उपाध्यक्ष मरमिता चौधरी तथा संस्था की मुख्य प्रशिक्षक एवं सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना अर्पिता कर्मकार विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था की सदस्या सुस्मिता देव ने किया।
समाज के वंचित वर्ग को कला से जोड़ना ही मुख्य उद्देश्य
कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए नृत्यांगन की अध्यक्षा डॉ. प्रतिमा नियोगी ने कहा:
”इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों से परिचित कराना तथा उनमें कला और संस्कृति के प्रति गहरा जुड़ाव पैदा करना है।”
धुबरी की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करेगी नई पीढ़ी: जिला शिक्षा अधिकारी
मुख्य अतिथि आदित कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में नृत्यांगन की इस अनूठी पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क कथक नृत्य प्रशिक्षण की व्यवस्था करना अत्यंत प्रशंसनीय एवं समयानुकूल कदम है। धुबरी हमेशा से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और गौरवशाली विरासत के लिए प्रसिद्ध रहा है और उन्हें पूरा विश्वास है कि यह नई पीढ़ी इस धरोहर को और आगे ले जाएगी। यह कार्यशाला बच्चों के व्यक्तित्व विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
कार्यशाला की मुख्य बातें:
- प्रतिभागी: धुबरी जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों के 130 से अधिक छात्र-छात्राएं।
- मुख्य प्रशिक्षक: सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना अर्पिता कर्मकार, जो बच्चों को कथक की मूलभूत तकनीकों और सौंदर्यबोध का प्रशिक्षण दे रही हैं।
- समापन: कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
नृत्यांगन के संगठन सचिव शिव शंकर कुंडू तथा संयोजक दीपांकर मजूमदार ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी समाजोपयोगी एवं सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



