मारवाड़ी महिला समिति ने रेस्क्यू डॉग्स को दिया नया जीवन
वैक्सीन और भोजन वितरण से पशु सेवा को मिला मानवीय स्पर्श

केशव पारीक,
शिवसागर 22 अप्रैल 2026/असम.समाचार
जहां आमतौर पर सामाजिक कार्यक्रम इंसानों तक सीमित रह जाते हैं, वहीं असम के शिवसागर में एक पहल ने यह साबित कर दिया कि संवेदनशीलता की कोई सीमा नहीं होती। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन से जुड़ी शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने इस बार अपना कदम इंसानों से आगे बढ़ाकर बेजुबानों की ओर बढ़ाया।

पर्यावरण संरक्षण प्रकल्प के तहत समिति ने रेस्क्यू किए गए कुत्तों के लिए वैक्सीन और भोजन की व्यवस्था कर एक अलग ही मिसाल पेश की। पांच वैक्सीन और छह किलो ‘पेडिग्री’ वितरित कर न केवल इन जानवरों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा गया, बल्कि समाज को करुणा का एक सशक्त संदेश भी दिया गया।
इस पहल की खास बात यह रही कि यह सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि जमीन पर जाकर जरूरतमंद जानवरों तक मदद पहुंचाई गई। प्रोजेक्ट चेयरपर्सन संगीता अग्रवाल के नेतृत्व में और स्थानीय एनिमल लवर जूनाली बुढ़ागोहांई के सहयोग से यह अभियान सफल रहा।
समिति की अध्यक्षा सारिका देवड़ा ने इस मौके पर कहा कि रेस्क्यू डॉग्स की देखभाल केवल दया नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन से जहां जानलेवा बीमारियों से बचाव संभव है, वहीं उचित भोजन उनके बेहतर जीवन की आधारशिला है।
इस अभियान में सचिव प्रीति केजरीवाल, पूर्व अध्यक्ष रेखा बुखरेड़िया, सरोज चौखानी और उपाध्यक्ष स्वेता अग्रवाल की सक्रिय मौजूदगी ने इसे एक सामूहिक प्रयास का रूप दिया।
छोटा-सा यह कदम, लेकिन असर बड़ा शिवसागर की यह पहल बता रही है कि अगर इरादे नेक हों, तो बदलाव की शुरुआत कहीं से भी की जा सकती है। स्थानीय स्तर पर इस पहल की खूब सराहना हो रही है और इसे पशु कल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।



