शिवसागर में ईद-उल-फितर उत्सव से परहेज का बड़ा फैसला : नहीं होगी विद्युत सज्जा और सजावट

केशव पारीक,
शिवसागर 13 मार्च 2026/असम.समाचार
शिवसागर शहर के स्थित स्टेशन चाराली युवा जमात ने ईद-उल-फितर के अवसर पर बड़े पैमाने पर उत्सव मनाने से परहेज करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ईद के मौके पर हर साल की जाने वाली नहीं होगी विद्युत सज्जा और सजावट नहीं की जाएगी। यह फैसला असमिया संगीत जगत के प्रिय कलाकार और “असमिया की जान” कहे जाने वाले हार्ट थ्रोब जुबीन गर्ग की असामयिक मृत्यु के बाद उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के रूप में लिया गया है।
स्टेशन चाराली युवा जमात के अध्यक्ष तजीब खान एवं सचिव इरफान खान द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि संगठन ने विश्व के इस्लाम धर्मावलंबी द्वारा आगामी 21 मार्च को हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फितर का पालन किया जाएगा। परंतु इस साल हमने पवित्र ईद के मौके को सादगी से मनाने का फैसला लिया है। यह अभूतपूर्व निर्णय हार्ट थ्रोब जुबीन गर्ग की असामयिक मृत्यु से दुःख और वेदना में डूबे लोगों की राय के आधार पर यह निर्णय लिया है।
ईद-उल-फितर के पवित्र दिन पर केवल दो रकअत वाजिब नमाज अदा करने के अलावा किसी भी प्रकार की अलोक सज्जा (लाइटिंग), मनोरंजन या उत्सवपूर्ण कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर रहने का संकल्प लिया गया है।
विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है कि शिवसागर के स्टेशन चारियाली युवा जमात ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जुबीन गर्ग की मृत्यु को असमिया समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया। संगठन ने कहा कि प्रिय कलाकार की आत्मा की शांति और उनके प्रति सम्मान में यह निर्णय लिया गया है।
असमिया समाज के प्राण पुरुष जुबीन गर्ग को असमय खोने से सभी दुखी हैं। युवा जमात ने फैसला किया है कि पवित्र ईद-उल-फितर के दिन केवल धार्मिक परंपरा के अनुसार नमाज अदा की जाएगी। कोई भी अतिरिक्त उत्सव, रोशनी या मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा। यह निर्णय जुबीन गर्ग की आत्मा के प्रति श्रद्धा स्वरूप है।
संगठन ने सभी सदस्यों और स्थानीय मुस्लिम समुदाय से इस निर्णय का पालन करने की अपील की है। युवा जमात का यह कदम असम में जुबीन गर्ग की लोकप्रियता और उनकी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। जहां उनकी मौत के बाद पूरे राज्य में गहरा शोक व्यक्त किया गया था। युवा जमात का यह फैसला सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।



