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नगांव में नामांकन के बहाने शक्ति प्रदर्शन, तीन चेहरों ने खोला चुनावी मोर्चा

डिंपल शर्मा,
नगांव, 16 सितंबर 2026/असम.समाचार
नगांव लोकसभा उपचुनाव में नामांकन के अंतिम दिन बुधवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर सियासत का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। भाजपा के देबाशीष शर्मा, कांग्रेस की शिवामोनी बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने अपने-अपने समर्थकों के साथ रैली निकालकर नामांकन पत्र दाखिल किया। तीनों दलों की रैलियों के साथ ही नगांव का चुनावी माहौल आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक दावों से गरमा गया।
नगांव लोकसभा सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद रिक्त हुई थी। बोरदोलोई ने बाद में विधानसभा चुनाव में दिसपुर सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर को और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
भाजपा प्रत्याशी देबाशीष शर्मा के नामांकन जुलूस में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया, मंत्री पीयूष हजारिका, केशव महंत, स्थानीय विधायक रूपक शर्मा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा ने इस दौरान बड़े जनसमर्थन का प्रदर्शन किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने दावा किया कि करीब 50 हजार लोग नामांकन रैली में शामिल हुए।
सैकिया ने कहा कि भाजपा नगांव उपचुनाव को विकास के मुद्दे पर लड़ रही है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में असम में विकास की गति जारी है तथा नगांव भी इससे अछूता नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है और पार्टी पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरी है।
गौरव गोगोई ने उठाए सरकार पर सवाल
कांग्रेस प्रत्याशी शिवामोनी बोरा के नामांकन जुलूस में असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, सांसद रकीबुल हुसैन, वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौरव गोगोई ने कहा कि उपचुनाव में विभिन्न विपक्षी दलों के साथ आने से लोगों में उत्साह पैदा हुआ है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आदिवासी और जनजातीय लोगों की जमीन से जुड़े मामलों में अन्याय करने तथा सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वालों पर कड़े कानूनों के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कथित डर और धमकी की राजनीति के खिलाफ लोग एकजुट हो रहे हैं।
अजमल की एंट्री से बदले चुनावी समीकरण
एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भी समर्थकों के साथ रैली निकालकर नामांकन दाखिल किया।
एआईयूडीएफ ने नामांकन की अंतिम तारीख से ठीक एक दिन पहले अजमल को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इसके साथ ही मुकाबले में भाजपा, कांग्रेस और एआईयूडीएफ के तीन प्रमुख चेहरे सामने आ गए।
अजमल ने कहा कि पार्टी ने सही समय पर सही फैसला लिया है और उन्हें अपनी पार्टी की जीत का पूरा भरोसा है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के बीच कथित राजनीतिक नजदीकी का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रत्याशी को भाजपा का ‘‘प्रॉक्सी’’ बताते हुए अजमल ने कहा कि जनता सब जानती है और आने वाले 17-18 दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी।
प्रद्युत बोले देबाशीष को जानते हैं लोग
भाजपा नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा प्रत्याशी देबाशीष शर्मा की तारीफ करते हुए उन्हें अपना ‘‘उत्तराधिकारी’’ बताया और उनकी जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का आधार कमजोर हो चुका है और उसके कई नेता तथा कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
बोरदोलोई ने देबाशीष शर्मा की सेवा भावना का उल्लेख करते हुए विशेष रूप से असम के कैंसर मरीजों की मदद से जुड़े उनके कार्यों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि शर्मा ने मरीजों को बेहतर इलाज के लिए मुंबई ले जाने और उनकी सहायता करने जैसे कार्य किए हैं।
सैकिया का गोगोई पर पलटवार
दिलीप सैकिया ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई पर विपक्षी एकता के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्षी दलों को एकजुट होकर चुनाव लड़ना था तो कांग्रेस और एआईयूडीएफ अलग-अलग मैदान में क्यों हैं।
सैकिया ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की और दावा किया कि कांग्रेस का जनाधार कमजोर हुआ है। उन्होंने एआईयूडीएफ और कांग्रेस के बीच चुनावी मुकाबले का उल्लेख करते हुए कहा कि अब अंतिम फैसला जनता के हाथ में है।
उन्होंने विकास के साथ असम की सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण को भी चुनावी मुद्दा बताया। सैकिया ने कहा कि विकास की राजनीति में धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। अल्पसंख्यक समाज को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर पिछले कई दशकों में विश्वास के साथ कथित विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
देबाशीष ने मांगा जनता का आशीर्वाद
नामांकन दाखिल करने के बाद भाजपा प्रत्याशी देबाशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री, राज्य मंत्रिमंडल, भाजपा नेतृत्व और नगांव की जनता के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नगांव के लिए यह महत्वपूर्ण दिन है और वह जनता का आशीर्वाद चाहते हैं।
नामांकन के अंतिम दिन सामने आए बयानों से साफ है कि नगांव का उपचुनाव अब केवल एक खाली लोकसभा सीट भरने का चुनाव नहीं रह गया है। विकास, विपक्षी एकता, कांग्रेस-भाजपा संबंधों के आरोप, सामाजिक मुद्दे और स्थानीय राजनीतिक समीकरण सभी चुनावी बहस के केंद्र में आ गए हैं। अब नामांकन के बाद प्रचार अभियान में इन मुद्दों की धार कितनी तेज होती है, इस पर नगांव की सियासी निगाहें टिकी रहेंगी।
नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन बुधवार को कुल 22 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इससे एक दिन पहले तीन उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इस प्रकार अब तक नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए कुल 25 उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल किया जा चुका है। जिला प्रशासन की ओर से प्राप्त प्रारंभिक सूची के अनुसार बुधवार को भाजपा के देबाशीष शर्मा, कांग्रेस की शिवामनी बोरा और एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल समेत कुल 22 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया।



