साहब का ‘मायाजाल’: धेमाजी DDC देवेश्वर बोरा पर CM विजिलेंस का शिकंजा, 4 घंटे की पूछताछ के बाद अरेस्ट

राहुल डोले,
धेमाजी 9 सितंबर 2026/असम.समाचार
सरकारी फाइलों में विकास की इबारत लिखने वाले धेमाजी के जिला विकास आयुक्त (DDC) और वरिष्ठ ACS अफसर देवेश्वर बोरा पर सोमवार को मुख्यमंत्री सतर्कता प्रकोष्ठ (CM Vigilance) का ऐसा ‘ऑपरेशन’ चला कि प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। टीम ने सरकारी आवास पर चार घंटे से अधिक समय तक सवालों की झड़ी लगाई और संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
जांच के मुख्य बिंदु:
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- डॉक्टर की शिकायत से खुला कच्चा-चिट्ठा: मामला उस समय का है जब बोरा स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में संयुक्त सचिव पद पर तैनात थे। एक डॉक्टर की शिकायत पर विजिलेंस सेल ने उनके खिलाफ गोपनीय जांच शुरू की थी।
- गुवाहाटी से लखीमपुर तक जमीनी जाल: प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति के पुख्ता सुराग मिले हैं। गुवाहाटी और लखीमपुर में कई कीमती संपत्तियों का पता चला है, जिनमें से कई संपत्तियां खुद के बजाय पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर दर्ज कराई गई थीं।
- धोखाधड़ी के पुराने केस भी उजागर: जांच में यह भी सामने आया है कि इस वरिष्ठ अधिकारी पर पहले से धोखाधड़ी और आपराधिक मामले दर्ज हैं।
CM विजिलेंस सेल का आधिकारिक बयान:
“कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है। प्रथम दृष्टया आय और संपत्तियों के स्रोतों में भारी अंतर मिला है। लेन-देन और बेनामी संपत्तियों के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच जारी रहेगी।”
सोमवार को धेमाजी स्थित सरकारी आवास पर नौ सदस्यीय टीम के दाखिल होते ही माहौल गरमा गया था। लंबी पूछताछ के बाद हुई इस गिरफ्तारी ने पूरे प्रशासनिक गलियारे में हलचल मचा दी है। एजेंसी अब उनकी पुरानी फाइलों और बैंक खातों को खंगालने में जुटी है।



