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पदयात्रा से जागीरोड तक… मुनि आनंद ‘कालू’ ने सुनाया आध्यात्मिक सफर, बोले— “दिगंबर और श्वेतांबर दोनों की आत्मा एक है”

विकास शर्मा,

जागीरोड 27 जून 2026/असम.समाचार

दिगंबर जैन मंदिर, जागीरोड में विराजित आचार्य महाश्रमण जी के विद्वान सुशिष्य मुनि आनंद कुमार “कालू” एवं सहवर्ती मुनि विकास कुमार का सोशल मीडिया पत्रकार दीपक डेका और सज्जल डे ने विशेष साक्षात्कार लिया। इस दौरान मुनिश्री ने अपने विहार, चातुर्मास, भगवान महावीर के सिद्धांतों, आचार्य परंपरा तथा आध्यात्मिक जीवन से जुड़े अनेक प्रेरणादायी प्रसंग साझा किए।

मुनि आनंद कुमार “कालू” ने बताया कि गुरु इंगित के अनुसार उनका विहार राजस्थान के बायतू से प्रारंभ हुआ। उनका प्रथम चातुर्मास वीरगंज (नेपाल), द्वितीय चातुर्मास अररिया कोर्ट तथा तृतीय चातुर्मास सिलीगुड़ी में सम्पन्न हुआ। इस वर्ष उनका चातुर्मास गुवाहाटी में होने जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सिलीगुड़ी से पदयात्रा करते हुए वे धुबड़ी, बरपेटा, खरुपेटिया, तेजपुर, नगांव सहित अनेक क्षेत्रों से होकर आज जागीरोड पहुँचे हैं। उन्होंने कहा, “विहार के दौरान मुझे देश के अनेक क्षेत्रों को निकट से देखने, विभिन्न संस्कृतियों से जुड़ने और धर्म का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का सौभाग्य मिला।”

साक्षात्कार के दौरान मुनिश्री ने भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, संयम, करुणा और आत्मकल्याण के सिद्धांतों की सहज व्याख्या करते हुए कहा कि आज भी ये शिक्षाएँ मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती हैं।

उन्होंने आचार्य तुलसी के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भी वे किसी मंदिर या धार्मिक स्थल पर जाते थे, तो कहते थे “दिगंबर और श्वेतांबर दोनों की आत्मा एक है।” मुनिश्री ने कहा कि प्रत्येक आत्मा में अनंत शक्तियाँ निहित हैं और उनके जागरण के लिए आध्यात्मिक साधना तथा सकारात्मक चिंतन आवश्यक है।

अपने उद्बोधन में उन्होंने चार भावनाओं का सुंदर विवेचन करते हुए सकारात्मक सोच, सद्भाव और आत्मविकास का संदेश दिया। साथ ही आचार्य महाश्रमण जी द्वारा प्रदत्त तीन सूत्र— नैतिकता, नशामुक्ति एवं सद्भावना— को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

मुनिश्री ने आचार्य महाश्रमण जी के अनुशासन, पदयात्रा, नैतिक जागरण और मानवता के लिए किए जा रहे कार्यों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि उनके संदेशों को जन-जन तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है।

इस अवसर पर यह भी बताया गया कि मुनि आनंद कुमार “कालू” वर्षों तक शासन श्री मुनि जतनमल स्वामी के साथ रहे हैं, जबकि सहवर्ती मुनि विकास कुमार लगभग साढ़े आठ वर्षों तक छापर सेवा केन्द्र में सेवारत रहे।

साक्षात्कार के अंत में पत्रकार दीपक डेका और सज्जल डे ने मुनिश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा उनके प्रेरणादायी विचारों को सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक समाज तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया।

इस अवसर पर अशोक गंगवाल, दिनेश भंडारी, प्रकाश फुलफगर, प्रदीप डूंगरवाल, सुरेंद्र डूंगरवाल, प्रमोद गोलचा, मनोज डूंगरवाल, रामगोपाल जैन, संजय छाबड़ा, सुनील जैन, हनुमान प्रसाद चाण्डक, जगदीश प्रसाद अग्रवाल, पारस सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रावक उपस्थित रहे। वहीं मोरीगांव, बोगोरा, भगतगांव, जागीरोड, गुवाहाटी, नगांव, मोरियाबाड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से भी श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।

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