Blogअसमएक्सक्लूसिव खबरेंप्रशासनमुद्दा गरम हैराष्ट्रीयलेटेस्ट खबरें

300 साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने की मुहिम, शिवसागर की ‘जमुना’ जलाशय पर चला प्रशासन का बुलडोजर

अहोम राजवंश की ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात; ATASU के आंदोलन के बाद जागा प्रशासन

केशव पारीक,

शिवसागर  7 नवंबर 2026/असम.समाचार

 

असम के ऐतिहासिक शहर शिवसागर में आज इतिहास को बचाने की एक बड़ी मुहिम शुरू हुई। अहोम साम्राज्य की ऐतिहासिक विरासत माने जाने वाले ‘जमुना’ जलाशय को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक बेदखली अभियान शुरू किया है। कभी राजशाही वैभव और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक रहा यह जलाशय धीरे-धीरे अतिक्रमण की चपेट में आ गया था। अब प्रशासन ने इसकी पुरानी पहचान लौटाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

बताया जाता है कि ऐतिहासिक जमुना जलाशय का कुल क्षेत्रफल 120 बीघा, एक कट्ठा और नौ लेसा है। इनमें से करीब 40 बीघा जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया था। जलाशय की जमीन पर मकान, शौचालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान तक खड़े कर दिए गए थे।

इस ऐतिहासिक जलाशय को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर ऑल ताई अहोम स्टूडेंट्स यूनियन (ATASU) लंबे समय से आंदोलन कर रहा था। संगठन ने इससे पहले लगातार तीन दिनों तक अपने स्तर पर अभियान चलाकर कथित अवैध निर्माणों को हटाया था।

इसके बाद 6 नवंबर को 12 घंटे के शिवसागर जिला बंद का आह्वान भी किया गया था। हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा 7 नवंबर को सरकारी स्तर पर बेदखली अभियान चलाने का आश्वासन दिए जाने के बाद संगठन ने बंद वापस ले लिया।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!