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बोडोलैंड आंदोलन से हाग्रामा मोहिलारी ने बनाई दूरी, बोले- युवाओं का भविष्य फिर दांव पर नहीं लगा सकते

BTC में जमीन का प्रीमियम घटाने का फैसला, भूमिहीनों और मौजूदा जमीन मालिकों को मिलेगी राहत

कनक चंद्र बोड़ो,

कोकराझार, 7 नवंबर 2026/असम.समाचार

 

बोडोलैंड की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट के बीच बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के मुख्य कार्यकारी सदस्य हाग्रामा मोहिलारी ने अपने रुख से साफ कर दिया है कि फिलहाल उनकी पार्टी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) किसी नए आंदोलन को पूरा समर्थन देने की स्थिति में नहीं है। मोहिलारी ने आशंका जताई कि एक और आंदोलन का खामियाजा खासकर युवा पीढ़ी को भुगतना पड़ सकता है और बोडो तथा गैर-बोडो समुदायों के बीच फिर से तनाव पैदा हो सकता है।

शुक्रवार को कोकराझार में उनकी अध्यक्षता में हुई BTC कार्यकारी परिषद की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मोहिलारी ने कहा कि परिस्थितियां फिलहाल एक और आंदोलन के अनुकूल नहीं हैं। उनके मुताबिक, बार-बार होने वाले आंदोलनों से युवाओं की पढ़ाई, रोजगार और भविष्य प्रभावित हो सकता है। साथ ही विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सौहार्द पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

हालांकि, मोहिलारी ने यह स्पष्ट करने में भी देर नहीं की कि BPF के इस रुख को बोडोलैंड की मांग के विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी न तो बोडोलैंड की आवश्यकता से इनकार कर रही है और न ही इस मांग को छोड़ रही है। उनका संकेत था कि मांग अपनी जगह कायम है, लेकिन फिलहाल आंदोलन का रास्ता अपनाना उचित नहीं होगा।

इधर, BTC कार्यकारी परिषद की बैठक में आम लोगों से जुड़े एक अन्य अहम मुद्दे पर भी फैसला लिया गया। परिषद ने BTC क्षेत्र में जमीन के पट्टा आवंटन और म्यूटेशन से संबंधित प्रीमियम दरों में कटौती करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से भूमिहीन लोगों के साथ-साथ पहले से जमीन के मालिक लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

एक ओर बोडोलैंड की मांग को लेकर नए आंदोलन की संभावनाओं पर राजनीतिक बहस जारी है, वहीं दूसरी ओर जमीन के प्रीमियम में कटौती का फैसला BTC क्षेत्र के आम लोगों के लिए आर्थिक राहत का विषय बन सकता है। ऐसे में मोहिलारी का बयान और परिषद का फैसला, दोनों ही क्षेत्र की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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