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प्रवासी राजस्थानी मीट में असम के उद्योगपति नारायण सिंह नरुका लोसल सम्मानित, राजस्थान की सामाजिक, सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में योगदान के लिए मिला सम्मान

विकास शर्मा,

गुवाहाटी, 28 सितंबर 2026/असम.समाचार

असम के प्रमुख उद्योगपति एवं सामाजिक कार्यकर्ता भामाशाह नारायण सिंह नरुका को सोमवार को गुवाहाटी के ताज विवांता होटल में आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी मीट’ में सम्मानित किया गया। राजस्थान सरकार की ओर से आयोजित इस समारोह में राजस्थान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई ने नारायण सिंह नरुका को सम्मान प्रदान किया।

राजस्थान सरकार की ओर से यह सम्मान उन्हें राजस्थान में किए गए सामाजिक कार्यों तथा प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को आगे बढ़ाने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। प्रवासी राजस्थानी समुदाय को राजस्थान से जोड़ने तथा उनकी सामाजिक एवं आर्थिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ऐसे आयोजनों का आयोजन किया जा रहा है।

आगामी 10 दिसंबर को जयपुर में प्रस्तावित प्रवासी राजस्थानी दिवस/सम्मेलन की तैयारियों और इसके प्रति प्रवासी राजस्थानियों की भागीदारी बढ़ाने के सिलसिले में गुवाहाटी में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में राजस्थान एवं असम के उद्योग जगत, सामाजिक क्षेत्र तथा प्रवासी राजस्थानी समाज से जुड़े अनेक प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया।

समारोह में राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण अग्रवाल, राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त एवं प्रवासी राजस्थानी मामलों से जुड़ी डॉ. मनीषा अरोड़ा, राजस्थान फाउंडेशन नॉर्थ ईस्ट एवं असम चैप्टर के अध्यक्ष रतन शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

कार्यक्रम में राजस्थान की विकास यात्रा में प्रवासी राजस्थानियों की भूमिका, निवेश की संभावनाओं तथा सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। राजस्थान सरकार प्रवासी राजस्थानियों को राज्य के विकास से जोड़ने और उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए ‘प्रवासी राजस्थानी’ कार्यक्रमों को एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में आगे बढ़ा रही है।

नारायण सिंह नरुका का सम्मान असम में रहकर अपनी कर्मभूमि को समृद्ध करने के साथ-साथ राजस्थान की माटी, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से उनके निरंतर जुड़ाव को रेखांकित करता है। समारोह में उपस्थित लोगों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए इसे असम और राजस्थान के बीच मजबूत सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताया।

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