सामागुरी हिंसा: सांसद रकिबुल हुसैन का गंभीर आरोप, पुलिस के संरक्षण में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुआ हमला

विकास शर्मा,
नगांव 24 सितंबर 2026/असम.समाचार
असम के पूर्व मंत्री तथा धुबरी के सांसद रकिबुल हुसैन ने आरोप लगाया है कि सामागुरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुआ हमला पूरी तरह पूर्व-नियोजित था और इसमें पुलिस-प्रशासन की भी मिलीभगत है। आज नगांव जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में हुसैन ने कहा कि पुलिस अधीक्षक को पहले से हमले की आशंका जताए जाने के बावजूद कुछ भाजपा नेताओं के नेतृत्व वाले असामाजिक तत्वों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बर्बर हमला किया। इस हमले में असम प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर और वरिष्ठ नेता मनोज चौहान भी बाल-बाल बचे।
सांसद रकिबुल हुसैन ने कहा, “हमने नगांव से सामागुरी जाते समय हमले की आशंका के बारे में पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट रूप से अवगत कराया था।
पुलिस की अनुमति के बाद ही हम आगे बढ़े, फिर भी हमारे काफिले को निशाना बनाया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि सामागुरी से बैठक कर लौटते समय भाजपा नेता मुजिबुर रहमान के आवास के सामने उनकी गाड़ियों पर सुनियोजित तरीके से पथराव व हमला कराया गया।
हुसैन ने बताया कि इस संबंध में मीरा बोरठाकुर ने नगांव सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक उनका बयान तक दर्ज नहीं किया गया। नगांव के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भी लिखित शिकायत दी गई, परंतु हमलावरों पर कार्रवाई करने के बजाय सामागुरी थाने के ओसी उल्टे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ही प्रताड़ित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री ने इस घटना को कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का परिणाम बताकर पल्ला झाड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी। लेकिन जब इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की गई, तो मुख्यमंत्री पूरी तरह मौन साध गए। न्याय की मांग को लेकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर ने आज पुनः केंद्रीय चुनाव आयोग, राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित शिकायत भेजी है।
संवाददाता सम्मेलन में सांसद हुसैन ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने आयोग के अन्य दो आयुक्तों को दरकिनार करते हुए लाखों नागरिकों के नाम मतदाता सूची से काट दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्य के लिए अवैध रूप से खन्ना नामक व्यक्ति को नियुक्त किया गया और वे प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री के निर्देश पर कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर, कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष वेदव्रत शर्मा, मीडिया सेल नेता गोपाल शर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष रूनुमोनी बोरा सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।


