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7 वर्षीय बालिका ने जैन मुनि के साथ की 8 किमी पदयात्रा, गुरु धारणा कार्यक्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

डिंपल शर्मा,

नगांव/मोरियाबाड़ी, 22 जून 2026/असम.समाचार

तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता एवं युगप्रधान आचार्य महाश्रमणजी के विद्वान सुशिष्य मुनि आनंद कुमार “कालू” तथा सहवर्ती मुनि विकास कुमार के सान्निध्य में मोरियाबाड़ी एवं सिलाराई क्षेत्र में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुए।

दो दिवसीय संक्षिप्त प्रवास के पश्चात रविवार प्रातः मुनि आनंद कुमार “कालू” एवं मुनि विकास कुमार ने मोरियाबाड़ी स्थित तेरापंथ भवन से सिलाराई सत्संग विहार के लिए मंगल विहार किया। इस दौरान नगांव ज्ञानशाला की मात्र 7 वर्षीय बालिका प्रियंशी पुगलिया ने मुनि श्री के साथ लगभग 8 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।

इस अवसर पर उनके पिता एवं टीवाईपी के पूर्व अध्यक्ष पीयूष पुगलिया भी उपस्थित रहे। वहीं मुनि विकास कुमार के साथ दिशा पुगलिया ने भी 8 किलोमीटर की पदयात्रा सम्पन्न की।

पदयात्रा में नगांव, डुमडुमा, ढींग बाजार, मोरियाबाड़ी, लंका एवं मोरीगांव सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता निभाई। सिलाराई पहुंचने पर सिलाराई पत्तर एवं रूपसिंह पत्तर का फूलम गमछा पहनाकर सम्मान किया गया।

मोरियाबाड़ी सभा के अध्यक्ष संपत कोठारी, मंत्री शांतिलाल मुनोत, नगांव सभा के अध्यक्ष विनोद बोथरा तथा ढींग सभा के अध्यक्ष जुगल किशोर चोपड़ा ने संयुक्त रूप से प्रियंशी पुगलिया को फूलम गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा उनके साहस एवं धार्मिक भावना की सराहना की।

इसी क्रम में 20 जून को मोरियाबाड़ी में मुनि आनंद कुमार “कालू” एवं मुनि विकास कुमार के सान्निध्य में तेरापंथ गुरु धारणा का प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर गंगाशहर निवासी मोरियाबाड़ी प्रवासी पारस कुमार सोनी, साक्षी सोनी एवं हर्षिता सोनी ने श्रद्धापूर्वक तेरापंथ गुरु धारणा स्वीकार कर गुरु परम्परा के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण व्यक्त किया।

अपने मंगल प्रवचन में मुनि आनंद कुमार ने कहा कि गुरु धारणा केवल एक धार्मिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला संकल्प है। गुरु के प्रति श्रद्धा, अनुशासन और आज्ञापालन से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।

संध्या में आयोजित शनिवारीय सामायिक भी अत्यंत प्रभावशाली ढंग से सम्पन्न हुई। मुनि श्री ने जप-अनुष्ठान के माध्यम से सामायिक का मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं ने आत्मचिंतन, साधना एवं संयम का लाभ प्राप्त किया।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में नगांव से सर्वाधिक संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं के उत्साह एवं धर्मानुराग से सभागार पूर्णतः भर गया और पूरा वातावरण भक्तिमय एवं धर्ममय बना रहा। दुमदुमा, ढींग बाजार, मोरियाबाड़ी, नगांव तथा बुडागांव सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रावक-श्राविकाओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर मुनिश्री के प्रेरणादायी विचारों का लाभ प्राप्त किया तथा नव गुरु धारकों को शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायी एवं स्मरणीय बन गया।

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