ज्योत, चुनड़ी और भजनों की गूंज: शिलांग में सजी ‘दादी’ की दिव्य शाम

सुशील दाधीच,
शिलांग 7 जून 2026/असम.समाचार
मेघालय की खूबसूरत वादियों में रविवार की शाम भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। नमो नारायणी ग्रुप द्वारा आयोजित “एक शाम दादी के नाम” भजन संध्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर के विभिन्न इलाकों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नारायणी दादी के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई और भजनों की अमृत वर्षा में सराबोर हो गए।
हर वर्ष की तरह इस बार भी नमो नारायणी ग्रुप ने आयोजन को भव्य स्वरूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कार्यक्रम की तैयारियां कई दिनों पहले से शुरू हो गई थीं। ग्रुप के सदस्यों ने घर-घर संपर्क, फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया, जिसका परिणाम कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ के रूप में देखने को मिला।
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण नारायणी दादी का सुसज्जित और अलौकिक दरबार रहा। फूलों, रोशनी और आकर्षक सजावट से सजे दरबार में सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने हाथों में ज्योत लेकर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। पुरुषों और महिलाओं के लिए निर्धारित विशेष ड्रेस कोड भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने आयोजन को एक अलग पहचान प्रदान की।
आमंत्रित भजन गायकों ने दादीजी की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान चुनड़ी उत्सव का आयोजन भी विशेष आकर्षण रहा, जिसमें महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक दादीजी को भव्य चुनड़ी अर्पित की। वहीं मेहंदी, छत्र अर्पण तथा नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए चाय-पानी की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के समापन पर विशाल प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
विगत कई वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे इस वार्षिक नारायणी नमो नारायणी भजनोत्सव और मंगलपाठ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि श्रद्धा और सामूहिकता का यह उत्सव शिलांग की धार्मिक एवं सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। अंत में नमो नारायणी ग्रुप ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया।



