राज्यपाल का बड़ा फैसला : आधिकारिक काफिले में 70 फीसदी कटौती
ईंधन बचत और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने की पहल, लोक भवन में बिजली खपत घटाने के भी निर्देश

विकास शर्मा,
गुवाहाटी, 13 मई 2026/असम.समाचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आर्थिक आत्मनिर्भरता” और जिम्मेदार राष्ट्र निर्माण के आह्वान से प्रेरित होकर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने ईंधन संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है।
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने बताया कि उनके आधिकारिक आवागमन में उपयोग होने वाले कारकेड (वाहनों के काफिले) के आकार में 70 प्रतिशत तक कमी की जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ-साथ सरकारी संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा राज्यपाल ने लोक भवन, असम में बिजली की खपत कम करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले भी उन्होंने ईंधन उपयोग में 10 प्रतिशत तक कमी लाने की पहल की थी, जिसे प्रशासनिक दक्षता और संसाधन संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना गया।
राज्यपाल ने कहा कि आज के समय में ऊर्जा संरक्षण केवल सरकारी नीति नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का हर वर्ग छोटे-छोटे प्रयास करे तो देश ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है।
उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव राष्ट्रीय संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल सरकारी संस्थानों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी पर्यावरण अनुकूल एवं जिम्मेदार आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और राजभवन प्रशासन सतत विकास, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और “आत्मनिर्भर भारत” की अवधारणा को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अन्य कदम भी उठाए जाएंगे, ताकि समाज में जिम्मेदार और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके।
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