एसपी सम्मेलन के बाद तड़के 3:30 बजे जागी असम पुलिस, 29 जिलों में दलालों पर ‘ऑपरेशन’
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिस तेजी से असम पुलिस ने 29 जिलों में एक साथ अभियान चलाया, उसने यह संदेश देने का काम किया है कि आम लोगों की जमीन और उनकी मेहनत की कमाई के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कार्रवाई से बचना आसान नहीं होगा।

विकास शर्मा,
गुवाहाटी, 5 सितंबर 2026/असम.समाचार
जिला पुलिस अधीक्षकों के सम्मेलन के बाद असम पुलिस ने जमीन के नाम पर लोगों को ठगने वाले कथित भूमि दलालों और ठगों के खिलाफ एक साथ बड़ा अभियान शुरू कर अपनी तत्परता का परिचय दिया है। शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे शुरू हुए इस अभियान की कार्रवाई असम के 29 जिलों में एक साथ की गई।
सुबह-सुबह पुलिस की दस्तक से उन लोगों में हड़कंप मच गया, जिन पर जमीन के कारोबार में धोखाधड़ी और लोगों को ठगने के आरोप हैं। अभियान के दौरान अब तक करीब 350 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिए जाने की सूचना है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है और आंकड़ा बढ़ने की संभावना है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के उस स्पष्ट निर्देश के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने भूमि संबंधी धोखाधड़ी और आम लोगों को ठगने वाले दलालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिस तेजी से असम पुलिस ने 29 जिलों में एक साथ अभियान चलाया, उसने यह संदेश देने का काम किया है कि आम लोगों की जमीन और उनकी मेहनत की कमाई के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कार्रवाई से बचना आसान नहीं होगा।
एसपी सम्मेलन के तुरंत बाद जमीन पर दिखा एक्शन
जिला पुलिस अधीक्षकों के सम्मेलन में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर चर्चा के बाद पुलिस की इस कार्रवाई को खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन के बाद महज कार्रवाई की बात नहीं हुई, बल्कि पुलिस ने तड़के अभियान शुरू कर यह दिखाया कि निर्देशों को अमल में लाने में देर नहीं की जाएगी।
अभियान कई दिनों तक चलेगा
समाचार प्रेषित किए जाने तक असम पुलिस का अभियान जारी था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, भूमि दलालों और ठगी से जुड़े लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई अगले कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
मुख्यमंत्री के कड़े रुख और असम पुलिस की त्वरित कार्रवाई को आम लोगों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर जमीन के नाम पर वर्षों से ठगी और धोखाधड़ी का सामना कर रहे लोगों के बीच इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि ऐसे मामलों पर अब प्रशासन और पुलिस का शिकंजा और मजबूत होगा।



