जब सरहद पर रुकीं गाड़ियां, तो सनसनाने लगीं गोलियां: असम–अरुणाचल सीमा पर आर्थिक नाकाबंदी के बीच भारी तनाव

राहुल डोले,संवाददाता
सिलापथार/लिकाबली 13 अगस्त 2026/असम.समाचार
दो राज्यों की सीमाओं को जोड़ने वाली सड़क पर जहां आम दिनों में ट्रकों की आवाजाही और व्यापार की हलचल रहती थी, वहां अब सन्नाटे को चीरती गोलियों की गूंज और पथराव का खौफ तैर रहा है। असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा से सटे धेमाजी जिले के सिलापथार-लिकाबली इलाके में माहौल एक बार फिर बेहद बारूदी हो गया है।
मामला गोगामुख सीमा पर हुई हालिया हिंसक झड़प से जुड़ा है, जिसके विरोध में टकांग मिसिंग पोरिन केबांग (TMPK) ने असम के सीमावर्ती इलाकों में अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकाबंदी का ऐलान कर रखा है। लिकाबली में भी जब प्रदर्शनकारी नाकाबंदी लागू करने सड़कों पर उतरे, तो बात सिर्फ नारों तक महदूद नहीं रही।
आरोप है कि नाकाबंदी से बौखलाए कुछ अरुणाचली उपद्रवियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को निशाना बनाकर अचानक पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। माहौल इतना बिगड़ गया कि भीड़ पर काबू पाने के लिए अरुणाचल प्रदेश पुलिस को एक के बाद एक चार राउंड हवा में गोलियां चलानी पड़ीं।
सड़क पर अचानक गूंजी इन गोलियों की आवाज ने सीमांत क्षेत्र के बाशिंदों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है। नाकाबंदी के चलते एक तरफ तो जरूरी सामान की आवाजाही ठप है, वहीं दूसरी तरफ पथराव और गोलीबारी की इस घटना ने दोनों राज्यों के रिश्तों में कड़वाहट और बढ़ा दी है। फिलहाल इलाके में पुलिस बल की तैनाती है, लेकिन हवा में घुला तनाव चीख-चीखकर कह रहा है कि चिंगारी अभी बुझी नहीं है और जरा सी अनबन स्थिति को कभी भी बेकाबू कर सकती है।



