नगांव के समाजसेवक रामअवतार अग्रवाल ने बाढ़ पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री कोष में दिए 10 लाख रुपये
रामअवतार अग्रवाल का नाम केवल नगांव तक सीमित नहीं है; वे असम भर में कई प्रमुख सामाजिक, सांस्कृतिक और धर्मार्थ संगठनों से जुड़े रहे हैं। जब भी राज्य को जरूरत पड़ी है, वे किसी न किसी रूप में अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखाई दिए हैं।

डिंपल शर्मा,
नगांव 12 अगस्त 2026/असम.समाचार
असम जब भी प्राकृतिक आपदाओं की कठिन परीक्षा से गुजरता है, तो राज्य की जीजीविषा को सम्बल देने के लिए कुछ हाथ हमेशा सबसे आगे खड़े मिलते हैं। हाल ही में शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट सहित असम के विभिन्न हिस्सों में आई विनाशकारी बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी की रफ्तार थाम दी है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में नगांव के जाने-माने व्यवसायी और समाजसेवक रामअवतार अग्रवाल ने दरियादिली की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।
श्री अग्रवाल ने बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और राहत कार्यों में हाथ बंटाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सहायता कोष (CMRF) में 10 लाख रुपये की सहयोग राशि का योगदान दिया। यह राशि उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा को सौंपी।
चेक स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने श्री अग्रवाल के इस निःस्वार्थ प्रयास की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा:
”असम पर जब भी कोई विपत्ति आई है, हमारे समाज के सजग नागरिकों ने राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। रामअवतार जी द्वारा दिया गया यह योगदान केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि बाढ़ से प्रभावित हमारे भाई-बहनों के प्रति गहरी सहानुभूति और इंसानियत का प्रतीक है। जब समाज और सरकार मिलकर खड़े होते हैं, तो बड़ी से बड़ी आपदा भी छोटी पड़ जाती है। मैं उनके इस सेवा भाव के लिए पूरे असम की ओर से उनका आभार व्यक्त करता हूँ।”
गौरतलब है कि रामअवतार अग्रवाल का नाम केवल नगांव तक सीमित नहीं है; वे असम भर में कई प्रमुख सामाजिक, सांस्कृतिक और धर्मार्थ संगठनों से जुड़े रहे हैं। जब भी राज्य को जरूरत पड़ी है, वे किसी न किसी रूप में अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखाई दिए हैं।
बाढ़ की लहरें भले ही घर और रास्ते बहा ले गई हों, लेकिन समाज के ऐसे सजग चेहरों की संवेदनशीलता यह भरोसा दिलाती है कि असम इस संकट से भी जल्द उबरकर मजबूती से मुस्कुराएगा।



