दोपहर में उतरी ‘रेतीली रात’, चूरू में मौसम ने दिखाया अनोखा मिजाज
जहां एक ओर लोग गर्मी से राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं प्रकृति ने उन्हें एक ऐसा दृश्य दिखा दिया, जिसने कुछ मिनटों के लिए समय और मौसम दोनों का भ्रम पैदा कर दिया। चूरू की इस "रेतीली रात" ने साबित कर दिया कि प्रकृति जब रंग बदलती है, तो सबसे बड़ा आश्चर्य वही रचती है।

आकाश जांगिड़,
चूरू (राजस्थान) 30 मई 2026/असम.समाचार
मरुस्थलीय राजस्थान के चूरू जिले में शुक्रवार को मौसम ने ऐसा अप्रत्याशित करवट ली कि दोपहर के समय ही लोगों को रात का अहसास होने लगा। तेज हवाओं के साथ उठे धूल और रेत के विशाल बवंडरों ने पूरे क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया, जिससे कुछ ही मिनटों में आसमान धूल की चादर से ढक गया और दिन का उजाला गायब हो गया।
अचानक बदले मौसम ने लोगों को चौंका दिया। सड़क पर चल रहे वाहन चालकों को हेडलाइट जलानी पड़ी, वहीं बाजारों और गलियों में लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। तेज धूलभरी आंधी के कारण दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी आंधियां देखी हैं, लेकिन दोपहर में इस तरह अंधेरा छा जाना बेहद दुर्लभ दृश्य था। सोशल मीडिया पर भी इस प्राकृतिक घटना के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर लोग इसे “रेगिस्तान की काली दोपहर” और “दिन में रात” जैसे नाम दे रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में बढ़ती गर्मी और वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण इस तरह की धूलभरी आंधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, चूरू में बना यह नजारा लोगों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला अनुभव बन गया।
जहां एक ओर लोग गर्मी से राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं प्रकृति ने उन्हें एक ऐसा दृश्य दिखा दिया, जिसने कुछ मिनटों के लिए समय और मौसम दोनों का भ्रम पैदा कर दिया। चूरू की इस “रेतीली रात” ने साबित कर दिया कि प्रकृति जब रंग बदलती है, तो सबसे बड़ा आश्चर्य वही रचती है।
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