भारत में चाय सोमेलियर कौशल को मिला नया आयाम, असम के तीन प्रतिभागियों ने पूरा किया एनसीवीईटी प्रमाणित पाठ्यक्रम

विकास शर्मा,
गुवाहाटी, 25 अगस्त 2026/असम.समाचार
भारत में पहली बार सरकारी स्तर पर शुरू किए गए एनसीवीईटी-अनुमोदित चाय सोमेलियर कौशल कार्यक्रम के प्रथम बैच में असम के तीन प्रतिभागियों सहित कुल सात प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया है। 60 घंटे का ‘एसेंशियल्स ऑफ टी सोमेलियर’ पाठ्यक्रम 3 से 9 अगस्त 2026 तक दार्जिलिंग टी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (डीटीआरडीसी), कुर्सियांग में टी बोर्ड इंडिया द्वारा आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम एनसीवीईटी से अनुमोदित तथा एनएसक्यूएफ लेवल-4 के अनुरूप है। इसमें चाय की पहचान एवं सराहना, चाय चखने की तकनीक, ब्लेंडिंग तथा आर्टिजनल चाय निर्माण सहित चाय से जुड़े व्यावसायिक पहलुओं की जानकारी दी गई। पाठ्यक्रम में प्रतिभागियों को हॉस्पिटैलिटी, रिटेल और चाय उद्योग के अन्य क्षेत्रों में चाय के पेशेवर उपयोग का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया गया।
पाठ्यक्रम में पांच प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें टी सोमेलियर की भूमिका का परिचय, फाइन डाइनिंग एवं प्रीमियम सेटिंग में चाय की सराहना, टी टेस्टिंग प्रोटोकॉल एवं स्वाद क्षमता का विकास, टी ब्लेंडिंग एवं नवाचार तथा आर्टिजनल एवं भविष्य की चाय पद्धतियां प्रमुख हैं।
असम के तीन प्रतिभागियों की भागीदारी राज्य के लिए विशेष महत्व रखती है। देश के कुल चाय उत्पादन में लगभग आधा योगदान देने वाला असम चाय की समृद्ध विरासत और विशाल उत्पादन आधार के लिए जाना जाता है। ऐसे में राज्य में चाय की समझ, पेशेवर चाय सेवा, प्रीमियम चाय के प्रचार-प्रसार, चाय पर्यटन, खुदरा कारोबार और उपभोक्ता शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
इस पहल की सराहना करते हुए टी बोर्ड इंडिया के पूर्व उपाध्यक्ष बिद्यानंद बराकोटी ने कहा कि चाय केवल एक पेय या वस्तु नहीं है, बल्कि इसके साथ सुगंध, स्वाद, रंग-रूप, गुणवत्ता, निर्माण-कौशल, तैयारी और अनुभव की पूरी दुनिया जुड़ी हुई है। प्रशिक्षित टी सोमेलियर उपभोक्ताओं को चाय की इन विभिन्न विशेषताओं को समझने और बेहतर ढंग से अनुभव करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में चाय की पहचान अब केवल उत्पादन की मात्रा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक कप चाय से जुड़े ज्ञान, अनुभव और मूल्य को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। टी बोर्ड इंडिया द्वारा शुरू किया गया यह कार्यक्रम भारतीय चाय क्षेत्र में पेशेवर विशेषज्ञता का नया आयाम खोल सकता है।
इस प्रथम बैच में सफल प्रतिभागियों में भार्गव राज बरकाकोटी, जयंत जालान, प्रीतम के. शर्मा, आनंद कुमार, भूमीत नंदल और, आकाश दीप रॉय तथा अजय शंकर शामिल हैं।
प्रतिभागियों को एग्रीकल्चर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) की ओर से एनसीवीईटी ढांचे के तहत प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। प्रमाणपत्र में योग्यता का नाम ‘एसेंशियल्स ऑफ टी सोमेलियर’, एनएसक्यूएफ लेवल-4, 60 घंटे और 2 क्रेडिट दर्ज हैं।
यह पाठ्यक्रम शुरुआती प्रतिभागियों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स, चाय प्रेमियों, भावी सोमेलियर्स तथा रिटेल और मार्केटिंग से जुड़े पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है। भारत में चाय सोमेलियर कौशल को औपचारिक रूप देने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



