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एजेपी से राजेन गोहाईं का इस्तीफा: राजनीति से संन्यास या फिर किसी बड़े खेल की तैयारी?

बिकाश शर्मा,

नगांव 18 मई 2026/असम.समाचार

असम की राजनीति में सोमवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब राज्य के वरिष्ठ नेता राजेन गोहाई ने अचानक असम जातीय परिषद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। “व्यक्तिगत कारण” बताकर दिए गए इस इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ एक साधारण इस्तीफा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों की किसी बड़ी राजनीतिक पटकथा का ट्रेलर भी हो सकता है। क्योंकि असम की राजनीति में राजेन गोहाईं ऐसा नाम हैं, जो जब भी कोई कदम उठाते हैं, उसकी गूंज दूर तक सुनाई देती है।

पार्टी अध्यक्ष ल्युरिन ज्योति गोगोई को भेजे गए पत्र में उन्होंने साफ लिखा कि वह एजेपी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का धन्यवाद भी किया।

दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बरहमपुर सीट से मैदान में उतरे राजेन गोहाईं को भाजपा के जीतू गोश्वामी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। चुनावी हार के बाद उनका यह फैसला अब कई नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

75 वर्ष की उम्र में भी राजेन गोहाईं का राजनीतिक वजन कम नहीं माना जाता। भाजपा में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले गोहाईं नगांव से सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

हालांकि उन्होंने कहा है कि अब वह निजी जीवन को समय देना चाहते हैं, लेकिन राजनीति में “व्यक्तिगत कारण” शब्द अक्सर सबसे ज्यादा राजनीतिक माने जाते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है ,क्या राजेन गोहाईं सच में राजनीति से दूरी बना रहे हैं, या फिर असम की राजनीति में किसी नए समीकरण की तैयारी शुरू हो चुकी है?

फ़ाइल फ़ोटो-थर्ड पार्टी

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