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गुवाहाटी से पहला कदम बटद्रवा की ओर, गुरु चरणों में झुके हिमंत

विकाश शर्मा,

नगांव 15 मई 2026/असम.समाचार

असम के मुख्यमंत्री डॉ हेमंत विश्व शर्मा ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पहली बार नगांव जिले के बटद्रवा स्थित महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की पवित्र जन्मस्थली बटद्रवा थान पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने थान प्रबंधन समिति के सदस्यों से मुलाकात कर सत्र की विभिन्न गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 मई को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने गुवाहाटी से बाहर कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं किया था।

उन्होंने बताया कि उनकी हार्दिक इच्छा थी कि गुवाहाटी से पहली यात्रा बटद्रवा थान आकर गुरुजन का आशीर्वाद लेने से शुरू हो। उन्होंने कहा कि महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव ने ऐसे असम का सपना देखा था, जहां सभी जाति और समुदाय के लोग समन्वय और सुंदर परंपराओं के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में रहें तथा हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले। राज्य सरकार उसी आदर्श और मार्गदर्शन पर चलते हुए असम को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बटद्रवा थान का विकास राज्य सरकार की विशेष जिम्मेदारी है।

इस संबंध में उन्होंने प्रबंधन समिति के साथ कई विकास परियोजनाओं पर चर्चा की है और आने वाले समय में इन योजनाओं पर लगातार काम किया जाएगा। सत्रों की समस्याओं को लेकर उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही सत्र आयोग का गठन कर चुकी है।

यह आयोग अतिक्रमण सहित सत्रों के समग्र विकास और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर जल्द कार्य शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी इन मामलों की निगरानी करेंगे। ‘एचबीएस 1.0’ और ‘एचबीएस 2.0’ को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति नहीं बदलता, लेकिन जनादेश बड़ा होने पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

पिछले पांच वर्षों में सरकार ने जितनी मेहनत की, इस बार उससे भी अधिक परिश्रम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की परिस्थिति के कारण वर्ष 2021 का चुनावी घोषणा पत्र सीमित था, लेकिन इस बार सरकार के संकल्प व्यापक हैं और उन्हें प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य विधानसभा का बजट सत्र संभवतः 5 या 6 जुलाई से शुरू होगा।

उससे पहले वह विभिन्न विभागों के साथ बैठकों के जरिए लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा चुनाव प्रचार के दौरान जनता से मिले सुझावों को आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। राजनीतिक मुद्दों और मंत्रिमंडल विस्तार पर टिप्पणी करने से बचते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वह महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली पर केवल आशीर्वाद और सहयोग लेने आए हैं।

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