नगांव: धुएं के बीच जागी व्यवस्था, कलंग नदी ने ली राहत की सांस,ऋषभ जैन द्वारा संचालित अलकतरा कारखानों पर प्रशासन का शिकंजा, तीन प्लांट सील

विकास शर्मा
नगांव, 13 दिसंबर 2025/ असम.समाचार
नगांव के पुरानी गोदाम इलाके में लंबे समय से फैल रहा धुआं और बदबू आखिरकार प्रशासन की कार्रवाई में दम तोड़ बैठा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त छापेमारी में अलकतरा (बिटुमिन) बनाने वाले तीन अवैध कारखानों पर ताले जड़ दिए गए। ये कारखाने ऋषभ जैन और उसके एक सहयोगी द्वारा संचालित बताए जा रहे हैं।

इलाके के लोगों के लिए यह कार्रवाई किसी राहत भरी सांस से कम नहीं रही। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन प्लांटों की वजह से करीब 40 प्रतिशत घरों में लोग बीमार पड़ चुके थे। सांस फूलना, दिल की समस्याएं और अजीब-अजीब बीमारियां अब आम हो चली थीं। ऊपर से आरोप यह कि कारखानों का जहरीला कचरा चुपचाप कलंग नदी में उड़ेल दिया जाता था, जिससे नदी का पानी भी बीमार होने लगा था।

जिला उपायुक्त देवाशीष शर्मा ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई जनता की शिकायत के बाद की गई। जांच में सामने आया कि कारखाने बिना वैध अनुमति, बिना फायर सेफ्टी और बिना मानवीय श्रम व्यवस्था के चल रहे थे। बाहर से लाए गए मजदूरों को अमानवीय हालात में रखा गया था और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की अनुमति भी समय से नवीनीकृत नहीं थी।

छापेमारी का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों तेजस अग्निहोत्री और मानवेंद्र कलिता ने जब सच्चाई के परतें खोलीं, तो तस्वीर और भी डरावनी निकली। इसके बाद प्रशासन ने बिना देर किए तीनों प्लांटों को तत्काल सील कर दिया।
प्रशासन का कहना है कि कलंग नदी को हर हाल में प्रदूषण से बचाया जाएगा, चाहे इसके लिए कितने ही कड़े कदम क्यों न उठाने पड़ें। जिला उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता के स्वास्थ्य और हितों से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुरानी गोदाम के लोग आज उम्मीद कर रहे हैं कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत हो, ताकि धुएं और बीमारी के साए से उनका इलाका हमेशा के लिए मुक्त हो सके।



