भाजपा-कांग्रेस टकराव तेज, असम में तोड़फोड़ के आरोपों से सियासत गरमाई,कांग्रेस ने दर्ज कराई एफआईआर
एपीसीसी के प्रशासनिक महासचिव प्रद्युत भूयान द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में घटना का विवरण, वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयान शामिल हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट
गुवाहाटी, 1 सितंबर 2025/असम.समाचार
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन और अन्य जिला कांग्रेस कार्यालयों में की गई तोड़फोड़ के खिलाफ भांगागढ़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।


एपीसीसी के प्रशासनिक महासचिव प्रद्युत भूया द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में घटना का विवरण, वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयान शामिल हैं।
शिकायत के अनुसार, 31 अगस्त को दोपहर लगभग 1 बजे भांगागढ़ की दिशा से आए भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर कांग्रेस के बड़े-बड़े होर्डिंग्स को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान उनकी पुलिस से भी झड़प हुई, जिससे पुलिसकर्मियों की वर्दी पर काले धब्बे पड़ गए।
कांग्रेस ने इस घटना को “गुंडागर्दी” करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जहां विपक्षी दलों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोकते हैं, वहीं उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिंसा फैलाने की खुली छूट दी जा रही है।
वीडियो सबूतों के आधार पर एपीसीसी ने भाजपा नेताओं रत्ना सिंह, रुपम गोस्वामी, जूरी शर्मा बोरदोलोई, गुंजन बर्मन, रंजीव शर्मा, निहरेंद्र शर्मा, पुरबी रॉय और सिद्धांकु अंकुर बरुआ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 91, 191, 192, 131, 132, 324, 329 और 351 के तहत मामला दर्ज कराया है।
एपीसीसी महासचिव प्रद्युत भूया ने कहा कि न केवल राजीव भवन बल्कि सोनितपुर और नगांव के कांग्रेस कार्यालयों को भी भाजपा के गुंडों ने निशाना बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की माता के बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की थी। भाजपा द्वारा फैलाया गया आरोप झूठा है, जो एक भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा कार्यकर्ता मोहम्मद रिज़वी के बयान पर आधारित है। रिज़वी को बिहार पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
भूया ने भाजपा नेताओं को चुनौती दी कि यदि उनके पास राहुल गांधी के खिलाफ कोई सबूत है तो वे सार्वजनिक करें, अन्यथा इस तरह की हिंसा और दुष्प्रचार बंद करें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर हमला करना लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है और भाजपा द्वारा शुरू की गई यह “अशुभ परंपरा” इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज होगी।
एपीसीसी मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा ने भाजपा के इस हमले को “निम्न मानसिकता का परिचायक” बताते हुए कहा कि सत्ता खोने के भय से ग्रस्त कुछ लोग हताशा में ऐसी हरकतें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असम की जनता भले ही फिलहाल खामोश हो, लेकिन वे इन कृत्यों को ध्यान से देख रही है।
एफआईआर दर्ज कराते समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन बसुमातरी, मेहदी आलम बोराह, बेदब्रत बोरा, रूपक दास, प्रवक्ता उपेंद्र रजनीथ, सैजुद्दीन अहमद, अनोवर हुसैन और मोस्ताक गोलाम उस्मानी मौजूद थे।मोना लिसा बरूआ हजारिका,महासचिव, एपीसीसी मीडिया विभाग द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी दी गई।



