ज्योति प्रसाद अग्रवाला की 75वीं पुण्यतिथि पर मारवाड़ी सम्मेलन, गुवाहाटी शाखा द्वारा ‘शिल्पी दिवस’ का गरिमामय आयोजन
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात लेखक एवं साहित्यकार विनोद रिंगनिया तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक प्रमोद तिवाड़ी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

विकास शर्मा
गुवाहाटी 17 जनवरी 2026/असम.समाचार
मारवाड़ी सम्मेलन, गुवाहाटी शाखा द्वारा असम के महान साहित्यकार, सांस्कृतिक चिंतक एवं असमिया सिनेमा के जनक स्वर्गीय रूपकंवर ज्योति प्रसाद अग्रवाला की 75वीं पुण्यतिथि के अवसर पर ‘शिल्पी दिवस’ का भावपूर्ण एवं गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रद्धांजलि मार्केट स्थित केल्विन सिनेमा परिसर में मारवाड़ी सम्मेलन शाखा कार्यालय में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात लेखक एवं साहित्यकार विनोद रिंगनिया तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक प्रमोद तिवाड़ी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विनोद रिंगनिया ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में स्वर्गीय ज्योति प्रसाद अग्रवाला के जीवन के अनेक अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि असम में सिनेमा की नींव रखने का श्रेय भी ज्योति प्रसाद अग्रवाला को ही जाता है।
वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद तिवाड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को चाहिए कि वह युवाओं को व्यवसाय के साथ-साथ रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से भी जोड़े। संगठित प्रयासों के माध्यम से ही समाज भविष्य में ज्योति प्रसाद अग्रवाला जैसी महान विभूतियों को जन्म दे सकता है।
इस अवसर पर पूर्वोत्तर मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि स्वर्गीय ज्योति प्रसाद अग्रवाला ने अपना सम्पूर्ण जीवन साहित्य और संस्कृति को समर्पित कर दिया। उन्होंने इस प्रकार के प्रेरणादायी एवं सार्थक कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
मारवाड़ी सम्मेलन, गुवाहाटी शाखा के अध्यक्ष शंकर बिड़ला ने सभी आगंतुकों एवं श्रोताओं का स्वागत करते हुए अपने प्रेरक वक्तव्य से कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। कार्यक्रम में संतोष वैद एवं सुश्री प्रज्ञा माया शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वर्गीय ज्योति प्रसाद अग्रवाला को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं संयोजन मनोज चांडक ‘नायाब’ द्वारा किया गया, जबकि अशोक सेठिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर शाखा के सचिव सूरज सिंघानिया, कोषाध्यक्ष नरेंद्र सोनी, उपाध्यक्ष प्रदीप भुवालका, पूर्वोत्तर संगठन मंत्री मनोज काला सहित कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप पाटनी, राकेश भातरा, विनोद कुमार जिंदल, राजेश भजनका एवं कैलाश चितलांगिया सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह श्रद्धा, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक चेतना से ओतप्रोत रहा और उपस्थित श्रोताओं के मन में स्वर्गीय ज्योति प्रसाद अग्रवाला के प्रति कृतज्ञता एवं प्रेरणा की गहरी भावना उत्पन्न हुई।


