“जब भक्ति और रसोई मिले, धुबरी में पापड़ से बनी मां दुर्गा”

राजा शर्मा
धुबरी, 18 सितंबर 2025/असम.समाचार
दुर्गा पूजा के इस मौसम में धुबरी के सबूज संघ पंडाल में भक्तों को चौंकाने वाला नज़ारा देखने को मिलेगा। यहां मां दुर्गा की प्रतिमा मिट्टी, गत्ते या प्लास्टर से नहीं, बल्कि… खाने वाले पापड़ से तैयार की गई है!
यह कमाल किया है स्थानीय कलाकार प्रदीप कुमार घोष ने। प्रदीप ने महज 10 दिनों में अप्रयुक्त खाने योग्य पापड़ को जोड़कर, गढ़कर और सजाकर देवी की ऐसी प्रतिमा बनाई है कि देखने वाले दंग रह जाएं।
भक्तों के लिए यह न सिर्फ आस्था का प्रतीक है बल्कि एक कला का अद्भुत नमूना भी है। शहरवासी प्रदीप की रचनात्मकता की जमकर सराहना कर रहे हैं और मान रहे हैं कि यह दुर्गा पूजा की “सबसे कुरकुरी और अनोखी” मूर्ति साबित होगी।
“मां की प्रतिमा बनाना मेरी साधना है। इस बार पापड़ को चुना ताकि लोगों को एक अलग अनुभव मिले,” – प्रदीप कुमार घोष।
तो इस बार धुबरी की दुर्गा पूजा में, देवी मां का ‘प्रसाद’ बनने से पहले ही पापड़ उनकी शोभा बढ़ा रहा है!





