आईआईएम गुवाहाटी: पूर्वोत्तर के शिक्षा परिदृश्य में नया अध्याय- राजस्थान फाउंडेशन

विकास शर्मा
गुवाहाटी, 13 अगस्त 2025/असम.समाचार
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा गुवाहाटी में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की स्थापना के विधेयक को मंजूरी मिलने पर राजस्थान फाउंडेशन, असम एवं नॉर्थ ईस्ट चैप्टर के अध्यक्ष रतन शर्मा ने इसे पूर्वोत्तर के शिक्षा परिदृश्य का “क्रांतिकारी अध्याय” करार दिया।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व का यह परिणाम है। उन्होंने बताया कि गुवाहाटी का यह आईआईएम, शिलांग के बाद पूर्वोत्तर का दूसरा और देश का 22वाँ आईआईएम होगा। इससे गुवाहाटी देश का एक प्रमुख शैक्षणिक हब बन जाएगा, क्योंकि यहां पहले से ही आईआईटी गुवाहाटी, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, न्यायिक अकादमी और एम्स जैसे शीर्ष संस्थान मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि नया आईआईएम न केवल देशभर के विद्यार्थियों को उच्च-स्तरीय प्रबंधन शिक्षा और शोध के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा। इससे शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित करने के साथ ही आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।
राजस्थान फाउंडेशन, असम चैप्टर के मंत्री शंकर बिरला ने कहा कि पूर्वोत्तर में कला और संगीत की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने जानकारी दी कि फाउंडेशन का प्रतिनिधि मंडल जल्द ही केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर गुवाहाटी में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की शाखा खोलने की मांग करेगा, ताकि स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
साथ ही, प्रतिनिधि मंडल असम के तिनसुकिया जिले में पर्यटन भवन निर्माण का अनुरोध भी केंद्र सरकार से करेगा, जिससे परशुराम कुंड सहित धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रधानमंत्री के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलेगी।