असम

झारखंड चुनाव में असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा के खिलाफ”हनी ट्रेपिंग” षड्यंत्र रचने का आरोप, असम के मुख्यमंत्री ने दी प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, “झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान दो महिलाएं मेरे कार्यालय भेजी गईं। उनके इरादों का पता चलने के बाद मुझे शक हुआ और मैं सतर्क हो गया।”

राष्ट्रीय डेस्क/कनक चन्द्र बोरो/सेंकी अग्रवाल

झारखंड/तामुलपुर/कोकराझार, 10 अगस्त 2025

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने अपने खिलाफ रचे गए कथित षड्यंत्र के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। यह मामला पूर्व झारखंड मुख्यमंत्री और भाजपा के आदिवासी नेता बाबूलाल मरांडी के एक ट्वीट के बाद सामने आया।

 

मरांडी ने ट्वीट कर दावा किया कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शर्मा को फंसाने की साजिश रची थी। इसके लिए किसी को पैसे के साथ दिल्ली और गुवाहाटी भेजा गया था।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, “झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान दो महिलाएं मेरे कार्यालय भेजी गईं। उनके इरादों का पता चलने के बाद मुझे शक हुआ और मैं सतर्क हो गया।” उन्होंने आगे कहा, “आज सुबह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस साजिश के बारे में ट्वीट किया। मैं इस मामले पर उनसे चर्चा करूंगा। मुझे नहीं लगता कि यह कोई व्यक्तिगत मामला है, बल्कि यह भाजपा के खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र हो सकता है।”

घटनाक्रम पर संक्षिप्त विवरण

बाबूलाल मरांंडी (झारखंड बीजेपी अध्यक्ष) का आरोप है कि पिछले साल झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश रची। मरांड़ी ने दावा किया कि उस अधिकारी ने दिल्ली और गुवाहाटी भेजने के लिए एक व्यक्ति को दो बार पैसा दिया, ताकि सरमा को साजिश के जाल में फंसा सकें। यह खुलासा उन्होंने हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट (X पर) में प्रमाण सहित जल्द किया जाने का वादा करते हुए किया था।

मरांड़ी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से यह भी सवाल किया कि क्या यह सब उनके ज्ञान में था या बिना उनकी जानकारी के हो रहा था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा कोई अधिकारी किसी प्रतिष्ठित पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ षड्यंत्र की हिम्मत कर सकता है, तो भविष्य में वही व्यक्ति मुख्यमंत्री के खिलाफ भी ऐसा कर सकता है।

 

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की प्रतिक्रिया

हिमंता सरमा ने इस मामले को संभवत: एक राजनीतिक साज़िश बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव के दौरान कुछ समय उनके कार्यालय में दो महिलाएं आई थीं, जिनका व्यवहार संदिग्ध था, इसलिए उन्हें कार्यालय से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वे बाबूलाल मरांंडी से आज रात संपर्क करेंगे और इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी हासिल करेंगे।

 

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