असम

गुवाहाटी में NLUJAA के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जुटे विश्व के विद्वान,दूसरा अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनोलॉजी और विक्टिमोलॉजी सम्मेलन सम्पन्न

गुवाहाटी, 9 अगस्त 2025/असम.समाचार

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी एंड ज्युडिशियल एकेडमी, असम (NLUJAA) द्वारा ब्रिटिश सोसाइटी ऑफ क्रिमिनोलॉजी, थिंक जस्टिस फाउंडेशन और वर्ल्ड सोसाइटी ऑफ विक्टिमोलॉजी के सहयोग से आयोजित दूसरा अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनोलॉजी और विक्टिमोलॉजी सम्मेलन 2025 का सफल समापन शनिवार को कृष्णा कांता हंडीक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय, खानापाड़ा, गुवाहाटी में हुआ। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 7 से 9 अगस्त तक “मानवीय दृष्टिकोण से न्याय व्यवस्था: अपराध रोकथाम और पीड़ित अधिकारों के लिए समावेशी प्रणाली निर्माण” विषय पर केंद्रित रहा।

उद्घाटन समारोह 7 अगस्त को असम राज्य गान और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ। समारोह का संचालन डॉ. नंदरानी चौधरी ने किया। NLUJAA के कुलपति प्रो. (डॉ.) के.वी.एस. शर्मा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि प्रो. (डॉ.) वाई.एस.आर. मूर्ति ने प्रारंभिक टिप्पणी रखी। विशेष संबोधन ब्रिटेन की कौंसल जनरल (स्पेन व एंडोरा) लूसी गोर्मन ने दिया। मुख्य अतिथि, विधि आयोग के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति दिनेश महेश्वरी ने उद्घाटन भाषण प्रस्तुत किया। सम्मेलन की रूपरेखा डॉ. भानु प्रकाश नुन्ना ने रखी, जबकि डॉ. मणिकंदन सौंदरराजन ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

तीन दिनों में सात थीमेटिक सत्रों का आयोजन हुआ, जिनमें वैश्विक क्रिमिनोलॉजी और विक्टिमोलॉजी के विभिन्न आयामों पर चर्चा हुई। प्लेनरी लेक्चर, पैनल चर्चा और शोध पत्र प्रस्तुतियों के माध्यम से उभरते शोधार्थियों और वरिष्ठ विशेषज्ञों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ। 150 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न देशों से भाग लेकर इसे वास्तविक अंतरराष्ट्रीय आयोजन बनाया।

समापन समारोह में कुलपति प्रो. (डॉ.) के.वी.एस. शर्मा ने सम्मेलन की मुख्य उपलब्धियों का सार प्रस्तुत किया और सभी साझेदारों, वक्ताओं व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। विशेष संबोधन श्रीलंका के सांसद माननीय उपुल अबेविक्रमा और असम न्यायिक अकादमी के निदेशक व पूर्व गौहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति मीर अल्फाज अली ने दिया। समापन भाषण माननीय न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, पूर्व न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय ने प्रस्तुत किया।

राष्ट्रीय गान के साथ सम्मेलन का औपचारिक समापन हुआ, जो वैश्विक क्रिमिनोलॉजी और विक्टिमोलॉजी विमर्श में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ।

 

 

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