नगांव के चापानाला हदहदी जलप्रपात में हादसा: जलक्रीड़ा के दौरान संयम जैन की दर्दनाक मौत, एक की हालत स्थिर
स्थानीय निवासी बताते हैं कि यह इलाका पहले भी ऐसे हादसों का गवाह रहा है। इस वर्ष अब तक कुल नौ लोगों की मौत इसी स्थान पर हो चुकी है। लोगों ने बताया कि अधिकतर दुर्घटनाएं सावन माह में होती हैं, जब श्रद्धालु बड़ी संख्या में जल स्नान के लिए यहां आते हैं।

विकास शर्मा
नगांव 4 अगस्त 2025/असम.समाचार
नगांव जिले के सामागुड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत चापानाला के प्रसिद्ध हदहदी जलप्रपात में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा घटित हुआ, जिससे पूरे नगांव शहर में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, नगांव शहर के लाउखुवा रोड निवासी 21 वर्षीय संयम जैन अपने चार दोस्तों और तीन युवती मित्रों के साथ आज सुबह जलप्रपात में जलक्रीड़ा के उद्देश्य से गया था।
सुबह करीब 9 बजे नहाने के दौरान संयम जैन गहरे पानी में डूब गया और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों और उसके साथियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और युवक का शव बरामद किया गया।
बताया जाता है कि संयम जैन, दो वर्ष पूर्व दिवंगत हुए स्व. सुदर्शन जैन का ज्येष्ठ पुत्र था। युवक की असमय मृत्यु से पूरा जैन परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है।
नगांव-बटद्रवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रूपक शर्मा ने होनहार और लोकप्रिय युवक की आकस्मिक मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताई है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी चापालना का हदहदी जलप्रपात एवं नीलापानी झील जैसे क्षेत्रों में नहाने के दौरान कई किशोरों व युवकों की मौत हो चुकी है।
स्थानीय जागरूक नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से इन संवेदनशील पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा उपायों को कड़ा करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
ध्यान देने योग्य है कि कुछ दिनों पहले नगांव जिला उपायुक्त देवासीश शर्मा ने उक्त इलाके में जाकर लोगों से सावधानी बरतने को भी कहा था और इससे संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश प्रशासन को भी दिए थे।
बताया गया कि इस घटना में एक युवक बाल-बाल बच गया जिसकी हालत अभी स्थिति बताई गई है।
प्रशासन के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामले की जांच जारी है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि
एक दिल दहला देने वाली घटना में चार लड़कों और चार लड़कियों जो कि घूमने के लिए यहां आए थे उनमें एक युवक की आज सुबह लगभग 9 बजे नदी में डूबने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये सभी युवक-युवतियां सुबह के समय स्नान के लिए आए थे। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे तैरना जानते थे या नहीं, लेकिन अनुमान है कि पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण सभी की डूबने से मौत हो गई।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि यह इलाका पहले भी ऐसे हादसों का गवाह रहा है। इस वर्ष अब तक कुल नौ लोगों की मौत इसी स्थान पर हो चुकी है। लोगों ने बताया कि अधिकतर दुर्घटनाएं सावन माह में होती हैं, जब श्रद्धालु बड़ी संख्या में जल स्नान के लिए यहां आते हैं।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “जब यह लोग यहां पहुंचे तब कोई सिक्योरिटी मौजूद नहीं थी। शायद यह जल्दी आ गए थे।”
लोगों ने कहा कि स्थल पर लगे चेतावनी बोर्डों पर साफ लिखा है कि पानी में ज्यादा गहराई में न जाएं, क्योंकि यहां बहाव बहुत तेज होता है। बावजूद इसके, सुरक्षा उपायों की कमी और निगरानी के अभाव में हादसे हो गए।
घटना के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस स्थान को विशेष रूप से सावन महीने में हाई रिस्क ज़ोन घोषित किया जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जाएं।
प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।