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महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में असम देश का अग्रणी राज्य: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने नगांव-बटद्रवा विधानसभा क्षेत्र की 26,585 महिलाओं को उद्यमिता पूंजी चेक वितरण की शुरुआत की

डिंपल शर्मा

नगांव, 22 अक्टूबर 2025/असम.समाचार

राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में चल रही परिवर्तनकारी यात्रा को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने आज नगांव-बटद्रवा विधानसभा क्षेत्र की 26,585 महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान के तहत उद्यमिता पूंजी के चेक वितरित किए। इनमें 19,628 ग्रामीण एवं 6,957 शहरी क्षेत्र की महिलाएं शामिल हैं।

नगांव के नेहरूबाली मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में लगभग 30 हजार महिलाएं उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हाल ही में शुरू किए गए “अरुणोदय 3.0” योजना के तहत असम सरकार ने 32 लाख परिवारों को प्रतिमाह ₹1,250 की सहायता देने का संकल्प साकार किया है। उन्होंने बताया कि असम के इस जनकल्याणकारी प्रयास से प्रेरित होकर पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा जैसे राज्यों ने भी समान योजनाएं शुरू की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। पिछले चार वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेजी से कमी आई है। “निजुत मोइना” जैसी योजनाओं के चलते राज्य में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 58 हजार छात्राओं को इस योजना का लाभ मिला, जबकि इस वर्ष 1.58 लाख आवेदनों की प्राप्ति हुई है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं समाज की प्रत्येक महिला छात्रा, माँ, विधवा, वृद्धा के जीवन को स्पर्श कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि गरीब घर की छात्राओं को साइकिल नहीं दी जाती, तो उन्हें पैदल स्कूल जाना पड़ता; यदि अरुणोदय योजना न होती, तो लाखों गरीब महिलाओं को परिवार चलाने में कठिनाई होती।

मुख्यमंत्री ने बताया कि असम सरकार राज्य को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने भी असम की महिला उद्यमिता योजना से प्रेरणा लेकर इसी प्रकार की योजना की शुरुआत की है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2 करोड़ “लखपति बाइदेउ” बनाने के संकल्प को साकार करने में असम अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राज्य में 4 लाख स्व-सहायता समूह हैं, जिनसे 40 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। इन समूहों ने अब तक 21 हजार करोड़ रुपये का ऋण लिया है और 99 प्रतिशत ऋणों का समय पर भुगतान किया है।

उन्होंने नगांव की कई सफल महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि “आईलक्ष्मी स्व-सहायता समूह” की लाभन्या कलिता ने होम-स्टे व्यवसाय से मासिक ₹20,000 की आय अर्जित की है, जबकि पूर्णिमा बरदलोई कृषि, पशुपालन और हस्तकरघा व्यवसाय से ₹25,000 मासिक कमाती हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं को पहले चरण में ₹10,000 का चेक दिया गया है। उत्पादन कार्य में धन का उपयोग करने पर दूसरे चरण में ₹25,000 और तीसरे चरण में ₹50,000 तक की राशि प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि असम में अरुणोदय योजना की राशि अब ₹1,250 मासिक कर दी गई है और जनवरी से हर परिवार को प्रति गैस सिलेंडर ₹250 की सब्सिडी भी मिलेगी। नवंबर से गरीब परिवारों को मुफ्त चावल के साथ-साथ सस्ते दाम पर दाल, चीनी और नमक भी मिलेगा।

सरकारी नौकरियों में पारदर्शी नियुक्तियों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब तक 2 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी दे चुकी है, जो पूरी तरह मेरिट आधारित है।

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