मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया श्री परशुराम ज्ञानपीठ का शुभारंभ – ब्राह्मण समाज के उत्थान की दिशा में मील का पत्थर

बिकाश शर्मा
जयपुर 6 सितंबर 2025/असम.समाचार
बारिश के बावजूद हजारों विप्र बंधुओं की मौजूदगी में शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानसरोवर स्थित नवनिर्मित श्री परशुराम ज्ञानपीठ (सेंटर फॉर एक्सीलेंस एंड रिसर्च) का उद्घाटन किया। विप्र फाउंडेशन द्वारा निर्मित इस ज्ञानपीठ को मुख्यमंत्री ने समाज एवं राष्ट्रहित में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

उद्घाटन समारोह में सांसदों, विधायकों और गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुरामजी की प्रतिमा को भेंट कर, साफा व माला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत करने के साथ हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान परशुराम सत्य और ज्ञान के प्रतीक हैं। यहां अध्ययन करने वाले बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान और सनातन संस्कार की शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करें।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज के युवाओं की शिक्षा, संस्कार और स्वावलंबन के लिए यह ज्ञानपीठ एक सराहनीय पहल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की परिकल्पना को साकार करने में यह केंद्र अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान गौ ऋषि प्रकाशदास जी महाराज ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर उपस्थित विप्रजन मंत्रमुग्ध हो उठे।
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक सुशील ओझा ने बताया कि 15 करोड़ की लागत से बने इस ज्ञानपीठ में शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, कौशल विकास, कन्या छात्रावास, ई-लाइब्रेरी और सांस्कृतिक गतिविधियों की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ज्ञानपीठ में बेसमेंट से छत तक आधुनिक और सांस्कृतिक संरचनाओं का समावेश किया गया है, जिसमें फाइव जी गार्डन, यज्ञशाला, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और वैदिक अनुसंधान केंद्र भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार, बिजली, पानी और उद्योग विकास के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। राइजिंग राजस्थान के जरिये 35 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है और हर साल एक लाख युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है।



