शिलांग में महर्षि दधीचि जन्मोत्सव धूमधाम से संपन्न, राज्यपाल ने की महत्ता का गुणगान
राज्यपाल ने अपने संबोधन में महर्षि दधीचि के जीवन और उनके बलिदान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए समाज को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

सुशील दाधीच
शिलांग 1 सितंबर 2025/असम.समाचार
तपस्या और बलिदान के प्रतीक महर्षि दधीचि ऋषि का जन्मोत्सव शिलांग दाधीच परिषद के तत्वावधान में श्री राजस्थानी विश्राम भवन में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में मेघालय के राज्यपाल सी. विजय शंकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में महर्षि दधीचि के जीवन और उनके बलिदान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए समाज को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। शिलांग दाधीच परिषद की ओर से राज्यपाल का साल, साफा, दुपट्टा और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। वहीं, अखिल भारतीय दाहिमा दाधीच ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनवारीलाल मुंदड़ा ने उन्हें महर्षि दधीचि का प्रतीक चिन्ह प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित ब्रह्मदत्त शर्मा के मंत्रोच्चारण के साथ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात सुरेश दाधीच ने सपत्नीक पूजा-अर्चना की। दोपहर 1:30 बजे से सिलिगुड़ी से पधारे ललित पारीक ने भजनों की रसधारा प्रवाहित कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं द्वारा मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिनमें हेमा दाधीच, लीला दाधीच, नीलम दाधीच, एकता दाधीच सहित अनेक महिलाओं का विशेष योगदान रहा।
माता रानी को चुनड़ी अर्पित की गई और हल्दी-मेहंदी बधाई के कार्यक्रमों ने वातावरण को उल्लासमय बना दिया। शाम 6 बजे आरती एवं रात्रि 7 बजे से प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ, जिसमें लगभग 650 समाज बंधुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के दौरान शिलांग दाधीच परिषद के अध्यक्ष सुशील दाधीच, सचिव उमेश दाधीच, कोषाध्यक्ष बनवारीलाल दाधीच सहित कई पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रथम तल पर आयोजित सम्मान समारोह में राज्यपाल ने परिषद के पदाधिकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और मारवाड़ी समाज के योगदान की सराहना की।
मंच संचालन सुशील दाधीच ने किया। धन्यवाद ज्ञापन गिरधारी लाल दाधीच (पुरा) और पवन दाधीच ने दिया। महिला मंडल की ओर से हेमा दाधीच, एकता दाधीच, सारदा दाधीच, नीला दाधीच व नीलम दाधीच ने भी सभी समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया।
इस आशय की जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई।



