रामकथा और कांवड़ भक्ति का दिव्य संगम: असम बैद्यनाथ युवा कांवड़ संघ की शीतकालीन पदयात्रा रवाना

विकास शर्मा
गुवाहाटी, 22 दिसंबर 2025
आस्था, भक्ति, अनुशासन और सेवा भाव से ओतप्रोत असम बैद्यनाथ युवा कांवड़ संघ, गुवाहाटी द्वारा आयोजित शीतकालीन कांवड़ पदयात्रा सोमवार को विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात ब्रह्मपुत्र मेल के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ धाम एवं बाबा बासुकीनाथ धाम के पावन दर्शन हेतु रवाना हुई।
यह पुण्य यात्रा 28 दिसंबर को शिवभक्तों की कठोर साधना और अटूट श्रद्धा के साथ एक ही दिन बाबा बैद्यनाथ धाम तथा बाबा बासुकीनाथ धाम में विधिवत जलाभिषेक कर संपन्न होगी।
इसके पश्चात संघ 29 दिसंबर को वहां से प्रस्थान कर 30 दिसंबर को सकुशल गुवाहाटी लौटेगा।
इस शीतकालीन कांवड़ पदयात्रा का विशेष आकर्षण यह है कि यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर प्रतिदिन रामकथा का भव्य आयोजन किया जाता है।
प्रख्यात कथावाचक जितेंद्र मिश्रा के श्रीमुख से प्रवाहित होने वाली रामकथा के मधुर, भावपूर्ण और प्रेरणादायी प्रसंगों से संपूर्ण वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो उठता है। वहीं, मदन सोनी द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या श्रद्धालु कांवड़ियों को झूमने पर विवश कर देती है और उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा एवं मानसिक बल प्रदान करती है।
उल्लेखनीय है कि असम बैद्यनाथ युवा कांवड़ संघ विगत आठ वर्षों से निरंतर इस शीतकालीन कांवड़ पदयात्रा का आयोजन करता आ रहा है। यह यात्रा अब केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि संयम, अनुशासन, सेवा, सद्भाव और संगठन शक्ति का जीवंत प्रतीक बन चुकी है।
इस पावन यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त श्रद्धालु भाग ले रहे हैं, जो “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ कठिन पदयात्रा कर बाबा भोलेनाथ को पावन जल अर्पित करते हैं।
पूरी यात्रा के दौरान संघ द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा, अनुशासन और समुचित व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह शीतकालीन कांवड़ पदयात्रा युवाओं में धर्म, संस्कार, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश भी सशक्त रूप से प्रसारित कर रही है।



