असम

ट्रेनों में संरक्षा उपाय बढ़ाने के लिए एन.एफ. रेलवे के अहम कदम,पारंपरिक आईसीएफ कोचों को अत्याधुनिक लिंक हॉफमैन बुश कोचों में परिवर्तित करने की तैयारी

विकाश शर्मा

गुवाहाटी, 24 अगस्त 2025/असम.समाचार

उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और आराम को मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान के तहत पारंपरिक ICF कोचों को अत्याधुनिक लिंक हॉफमैन बुश (LHB) कोचों में परिवर्तित किया जा रहा है। ये कोच फायर एंड स्मॉक डिटेक्शन सिस्टम (FSDS), फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (FDSS) और एरोसोल आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम जैसी उन्नत संरक्षा सुविधाओं से लैस हैं।

आंकड़ों में सुरक्षा की तस्वीर

1223 LHB एसी कोचों में FSDS लगाया गया।

148 पावर कारों और 79 पेंट्री कारों में FDSS स्थापित।

956 एसी कोचों में एरोसोल-आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया।

ये सिस्टम कोचों के महत्वपूर्ण हिस्सों पर निगरानी रखते हैं और आग की स्थिति में तुरंत अलार्म बजाते हैं, जिससे समय पर हस्तक्षेप कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सतत संरक्षा अभियान

रेलवे ने कहा कि रेल संरक्षा में सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है।

नियमित संरक्षा ड्राइव चलाई जाती हैं।

आवधिक संरक्षा ऑडिट और निरीक्षण कर खामियों की पहचान होती है।

समय पर सुधारात्मक कदम उठाकर दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित की जाती हैं।

एन. एफ. रेलवे ने कहा कि वह अपने पूरे नेटवर्क पर सुरक्षा के उच्चतम मानकों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बाधारहित यात्रा अनुभव मिल सके।

इस आशय की जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा द्वारा दी गई।

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