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भोगाली बिहू पर परंपरा का संग्राम, भैंसों की लड़ाई बना जनआकर्षण

ब्यूरो रिपोर्ट

नगांव/मोरीगांव 15 जनवरी

मकर संक्रांति और भोगाली बिहू के अवसर पर जिले के आहतगुड़ी क्षेत्र में भैंसों की पारंपरिक लड़ाई का बृहद आयोजन किया गया, जिसने एक बार फिर ग्रामीण संस्कृति और लोकआस्था की अनूठी झलक पेश की। यह आयोजन वर्षों से इस इलाके की पहचान बना हुआ है और आज भी पूरे उत्साह के साथ निभाया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोहा,आहतगुड़ी और आसपास के करीब 50 से अधिक गांवों के लोग पीढ़ियों से बिहू पर्व के दौरान भैंसों की परंपरागत लड़ाई का आयोजन करते आ रहे हैं। इस लोकपरंपरा में विजेता भैंस के स्वामी को नगद राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाता है, जिसे ग्रामीण समाज में विशेष गौरव के रूप में देखा जाता है।

तीन से चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से करीब डेढ़ सौ से अधिक भैंसों को लाया जाता है, जिन्हें परंपरागत नियमों और ग्रामीण रीति-रिवाजों के तहत आपस में लड़ाया जाता है। आयोजन स्थल पर इन दिनों मेले जैसा माहौल बना रहता है, जहां लोग पारंपरिक भोजन, लोकसंगीत और सामूहिक सहभागिता का आनंद लेते हैं।

स्थानीय गांववासी मुकुल सैकिया ने बताया कि भैंसों की यह लड़ाई उनकी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उनके अनुसार, “यह परंपरा हमारे पूर्वजों से चली आ रही है और भोगाली बिहू के अवसर पर इसका आयोजन करना हमारी पहचान है।”

एक अन्य स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि मान्यता है कि इस लड़ाई के आयोजन से आने वाले वर्ष में खेतों में अच्छी फसल होती है और गांव में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसी विश्वास के चलते ग्रामीण हर वर्ष इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।

भैंसों की इस पारंपरिक लड़ाई को देखने के लिए आसपास के कई जिलों, विशेषकर मोरीगांव और नगांव से, लाखों की संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ आहतगुड़ी पहुंचते हैं। दर्शकों की भारी भीड़ के चलते पूरा क्षेत्र उत्सव स्थल में तब्दील हो जाता है।

ध्यान देने योग्य है कि उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के बाद वर्षों पहले भैंसों की लड़ाई पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद, अपनी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के उद्देश्य से स्थानीय लोग आज भी इस आयोजन को पारंपरिक रूप में निभाते आ रहे हैं। यह आयोजन कानून, लोकआस्था और संस्कृति के बीच खड़े एक संवेदनशील सवाल के साथ-साथ ग्रामीण समाज की जड़ों से जुड़ी पहचान को भी उजागर करता है।

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