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असम समझौते की धारा 6 लागू कर खिलाेंजीया के प्रति जिम्मेदारी दिखाएं: रिपुन बोरा

गुवाहाटी, 9 अगस्त 2025

असम प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार राज्य के नागरिकों को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने लोगों से अपनी सुरक्षा खुद करने की बात कहकर यह साबित कर दिया है कि वे शासन में असफल हैं।

राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिपुन बोरा ने कहा कि ऊपरी असम में “मियां” मुद्दे के नाम पर कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। कई मुस्लिम व्यक्ति रोजगार के लिए निचले असम से ऊपरी असम जा रहे हैं, जैसे असम के युवा रोजगार के लिए अन्य राज्यों का रुख करते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन इसमें राज्य सरकार नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि अगर कहीं विदेशी बांग्लादेशी हैं, तो सरकार उन्हें चिन्हित कर निर्वासन की कार्रवाई करे, लेकिन संदिग्ध शब्द का उपयोग कर भारतीय नागरिकों को प्रताड़ित करना असंवैधानिक है। बोरा ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे असमिया जाति, असमिया राष्ट्रवाद और खिलाेंजीया अधिकारों को समाप्त कर चुके हैं।

असम समझौते की धारा 6 के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए रिपुन बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश बिप्लव शर्मा के नेतृत्व में आयोग बनाया था और उसकी रिपोर्ट को अक्षरशः लागू करने का वादा किया था, लेकिन आज तक उसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने चुनौती दी कि यदि मुख्यमंत्री वास्तव में असमप्रेमी हैं तो आयोग की सिफारिशें लागू कर दिखाएं।

कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह खुद को खिलाेंजीया प्रेमी बताती है, लेकिन वास्तव में वह खिलाेंजीया विरोधी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हजारों बीघा जमीन रामदेव, अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों को सौंप दी है, जो खिलाेंजीया लोगों के अधिकारों का हनन है।

उन्होंने असम के राष्ट्रीय संगठनों से सात पीढ़ियों की सामाजिक समन्वय परंपरा को बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि असम की भूमि हिंसा और घृणा की नहीं, बल्कि शंकरदेव, लाचित और आजान फकीर की है।

इस मौके पर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जाकिर हुसैन शेख ने भी भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार खिलाेंजीया लोगों को प्रताड़ित कर रही है और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष मेहदी आलम बोरा, महासचिव बिपुल गोगोई, वरिष्ठ प्रवक्ता ऋतुपर्ण कोंवर और प्रवक्ता रितम सिंह भी मौजूद थे।

 

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