गुवाहाटी में वरिष्ठ नागरिक दिवस पर बुजुर्गों का सम्मान, रतन शर्मा ने दिया युवाओं को संदेश
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी वरिष्ठ नागरिकों को शत-शत नमन करते हुए उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा, "वो बुजुर्ग ही हैं जो आशीर्वाद की तरह हैं, उनके बिना घर तो घर नहीं, बस मकान रह जाते हैं।"

सोनल शर्मा
गुवाहाटी, 23 अगस्त 2025/असम.समाचार
नॉर्थ ईस्ट के प्रसिद्ध समाजसेवी एवं राजस्थान फाउंडेशन असम एवं नॉर्थ ईस्ट चैप्टर के अध्यक्ष रतन शर्मा ने गुवाहाटी स्थित सिग्नेचर बिल्डिंग में आयोजित वरिष्ठ नागरिक दिवस कार्यक्रम के दौरान कहा कि बुजुर्ग घर की बरकत और आशीर्वाद की छत होते हैं। इस अवसर पर उपस्थित बड़े बुजुर्गों का सम्मान किया गया।
रतन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा, “जिनके होने से घर में बरकत रहती है, वो दुआएँ हैं बुज़ुर्ग, जो सर पर छत रहती है।” उन्होंने बुजुर्गों को दीपक और बरगद के समान बताया, जो अपनी रोशनी और छांव से समाज और परिवार को दिशा देते हैं।
बुजुर्गों का महत्व
उन्होंने कहा कि आज हम जिस भी मुकाम पर हैं, उसमें हमारे बड़ों की मेहनत, त्याग और आशीर्वाद का महत्वपूर्ण योगदान है। अनुभव ही सबसे बड़ी दौलत है, जो किसी किताब से नहीं मिल सकती।
युवाओं के लिए संदेश
रतन शर्मा ने युवाओं से अपील की कि वे अपने बड़ों को केवल सम्मान की मूर्ति न मानें, बल्कि जीवन के मार्गदर्शक के रूप में स्वीकार करें। “आज हम जितना आदर करेंगे, कल वही संस्कार लौटकर आएंगे,” उन्होंने कहा।
संकल्प और सम्मान
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी वरिष्ठ नागरिकों को शत-शत नमन करते हुए उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा, “वो बुजुर्ग ही हैं जो आशीर्वाद की तरह हैं, उनके बिना घर तो घर नहीं, बस मकान रह जाते हैं।”
कार्यक्रम में समाजबंधुओं एवं अतिथिगण की उपस्थिति में यह संकल्प लिया गया कि बुजुर्गों का सम्मान ही हमारी सबसे बड़ी सेवा होगी।